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रक्षा, उड्डयन, फार्मा, खुदरा में एफडीआई नियम उदार

रक्षा, उड्डयन, फार्मा, खुदरा में एफडीआई नियम उदार

नई दिल्ली. 20 जून 2016
 

एफडीआई

आर्थिक उदारीकरण प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए सरकार ने रक्षा, उड्डयन, फार्मास्यूटिकल्स, खुदरा और खाद्य प्रसंस्करण जैसे उद्योगों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के नियमों को अधिक उदार बना दिया और इसके लिए सरकारी अनुमति की जरूरत घटा दी.

अधिकारियों के मुताबिक, उड्डयन के क्षेत्र में अभी तक सूचीबद्ध विमानन कंपनियों में सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की पूर्व अनुमति के बिना 49 फीसदी तक एफडीआई की अनुमति थी. अब एफडीआई की सीमा बढ़ाकर 100 फीसदी कर दी गई है और 49 फीसदी से अधिक एफडीआई के लिए सरकारी अनुमति का प्रावधान किया गया है.

फार्मा क्षेत्र में अब तक नई और पुरानी दोनों परियोजनाओं में 100 फीसदी एफडीआई की अनुमति थी, लेकिन नई परियोजनाओं के लिए पूर्व अनुमति की जरूरत नहीं थी और पुरानी परियोजनाओं के लिए सरकारी अनुमति की जरूरत थी. अब पुरानी परियोजनाओं में भी पूर्व अनुमति के बिना 74 फीसदी तक एफडीआई हो सकता है.

रक्षा क्षेत्र में बिना अनुमति के 49 फीसदी एफडीआई जारी रहेगा. लेकिन 49 फीसदी से अधिक एफडीआई वाले प्रस्तावों को मंजूरी देने में अब अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी लाने की शर्त हटा दी गई है.

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, "केंद्र सरकार ने आज एफडीआई नियम को अत्यधिक उदार बना दिया. इसका मकसद बड़ी संख्या में रोजगार पैदा करना है."

बयान में कहा गया है, "विदेशी निवेश के नियमों में बदलाव का फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में लिया गया. नवंबर 2015 किए गए सुधार के बाद यह दूसरा बड़ा सुधार है. अब अधिकतर क्षेत्रों में एफडीआई के लिए पूर्व अनुमति की जरूरत समाप्त हो गई है. सिर्फ कुछ नकारात्मक सूची बची रह गई है.

बयान में कहा गया है, "इन बदलावों के साथ भारत अब दुनिया की सबसे मुक्त अर्थव्यवस्था हो गई है."
 


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