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केरल में जंक फूड पर फैट टैक्स

केरल में जंक फूड पर फैट टैक्स

तिरुअनंतपुरम. 8 जुलाई 2016
 

जंक फूड

केरल में सरकार ने लोगों के जंक फूड खाने पर लगाम लगाने के लिए अनोखी पहल की है. राज्य में सीपीआईएम के नेतृत्व वाली सरकार ने जंक फूड जैसे पिज़्ज़ा, बर्गर और टेकॉस खाने पर 'फैट टैक्स' लगा दिया है.

इसकी घोषणा राज्य के वित्त मंत्री डॉक्टर थॉमस इसाक ने पहला बजट पेश करते हुए की.

अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कहा कि ब्रांडिड रेस्त्रा जो पिज्ज़ा, बर्गर, टेकॉस, डॉनट, सैंडविच, पास्ता और बर्गर पैटी देते है वो अब इन उत्पादों पर 14.5 फीसदी फूड टैक्स लगाएंगे.

अब इस नई घोषणा के बाद फास्ट फूड चैन्स जैसे मैकडॉनल्ड्स, डोमिनोज़, पिज़्ज़ा हट, सबवे को अपने खाद्य पदार्थों पर नया टैक्स लगाना होगा.

सरकार लोगों के जंक फूड खाने की आदत पर लगाम लगाने के लिए ऐसे कदम उठा रही है. डेनमार्क और हंगरी कुछ ऐसे देश हैं जो ये कदम उठा चुके हैं.

नेशनल सर्वे एजेंसी ने केरल में स्कूल जाने वाले छात्रों पर दो अध्ययन किए. साल 2010 में वीएमएस बेलारी द्वारा हाई स्कूल के बच्चों पर किए गए अध्ययन में पाया गया कि 12 प्रतिशत बच्चों का वज़न ज्यादा था और 6.3 फीसदी मोटे थे.

साल 2012 में किए गए दूसरे अध्ययन में पाया गया कि सरकारी स्कूल की तुलना में जो बच्चे निजी स्कूलों में पढ़ते थे उनमें मोटे होने के आसार ज्यादा थे. ये अध्ययन जिनेवा ग्लोबल हेल्थ प्लेटफार्म ने किया था.

फैट टैक्स लगाने को लेकर दुनियाभर में बहस हो रही है. जहां कुछ लोगों का तर्क है कि इससे मोटापे का स्तर घटाने में मदद मिलेगी वहीं कुछ इस टैक्स लगाने पर ही सवाल उठाते है. उनका तर्क है कि जो लोग स्वस्थ है और कभी कभार जंक फूड खाते हैं वो इस ख़र्च को क्यों वहन करें.

एक किशोर की मां ब्लैसी मैथ्यू वर्गिस ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया है.

राज्य सरकार ने फैट टैक्स के अलावा गेंहू, मैदा, सूजी और रवा से बनने वाले उत्पादों पर भी पांच फीसदी कर लगाने की घोषणा की है.

 


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