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कसाब का परिवार लापता

कसाब का परिवार लापता

लाहौर. 3 मई 2010


कसाब को लेकर भारतीय मीडिया में भले खबरों का बाज़ार गरम है लेकिन पाकिस्तान में उसके परिजनों का कहीं अता-पता नहीं है. मुंबई हमले के आरोपी फरीदकोट गांव के निवासी अजमल कसाब के परिवारजनों को पता नहीं है कि उनके बेटे के मामले में भारतीय अदालत ने क्या रुख अपनाया है. अनुमान लगाया जा रहा है कि उन्हें पाकिस्तान सरकार ने अपनी निगरानी में रखा है. अजमल कसाब का गांव फरीदकोट ओकाड़ा जिले में है, जो लाहौर से लगभग 140 किलोमीटर दूर है.
कसाब

पाकिस्तान के जिओ टीवी द्वारा 2008 में किये गये एक स्टिंग ऑपरेशन में कसाब के गांववालों ने जानकारी दी थी हमले से पांच-छह महीने पहले ही कसाब गांव आया था. कसाब ने अपनी मां से बकायदा ये भी कहा था कि वो जेहाद के लिए जा रहा है. साथ ही गांव वालों का ये कहना है कि उसने गांव के बच्चों को कराते भी दिखाया था.

पाकिस्तान के एक अखबार से की गई बातचीत में कसाब के पिता आमिर कसाब ने ये कबूला था कि अजमल कसाब उनका बेटा है. सड़क पर पकोड़े बेचने वाले 3 बेटों और 2 बेटियों के पिता आमिर कसाब के अनुसार अजमल 4 साल पहले घर से गायब हो गया था. उसने ईद पर नए कपड़े मांगे थे, जो नहीं मिलने पर नाराज होकर घर से चला गया था.

आमिर कसाब का कहना था कि उन्होंने अपने बेटे को नहीं बेचा और गरीबी की वजह से वो उसका ख्याल नहीं रख पाये. उनका कहना था कि कसाब ने जो किया, वो हमारी बदकिस्मती है. उनका कहना था- मैं ये तो नहीं कह सकते कि उनके बेटे को उनसे किसने छीना है लेकिन वो लश्कर-ए-तोयबा के साथ शामिल हो गया था.

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इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

sunderlohia (lohiasunder2@gmail.com) Mandi ( H.P}.

 
 अगर ईद पर नए कपड़े ना मिलने पर कसाब जिहाद में कुरबानी के लिए तैयार हो सकता है तो हिंदुस्तान में रोटी ना मिलने पर नौजवान क्या सोचता होगा ? 
   
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