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रामनाथ कोविंद बने देश के नए राष्ट्रपति

रामनाथ कोविंद बने देश के नए राष्ट्रपति

नई दिल्ली. 25 जुलाई 2017
 

ramnath kovind

रामनाथ कोविंद ने मंगलवार को देश के 14वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली. सर्वोच्च न्यायलय के चीफ जस्टिस जेएस खेहर ने कोविंद को संसद भवन के सेंट्रल हॉल में आयोजित समारोह में शपथ दिलाई.

शपथ ग्रहण के बाद रामनाथ कोविंद ने बतौर राष्ट्रपति आज अपना पहला भाषण दिया। इस भाषण में उन्होंने अपनी पुरानी यादें भी साझा की.
 
शपथ ग्रहण के बाद रामनाथ कोविंद ने कहा कि सेंट्रल हॉल में पुरानी यादें ताजा हो गईं. सेंट्रल हॉल में मैंने विचार-विमर्श किया. कई बार विचारों से सहमत होते तो कभी असहमत. विचारों का सम्मान करना इसी सेंट्रल हॉल में सीखा है.

अपने भाषण में उन्होंने कहा कि मैं पूरी विनम्रता के साथ ये पद ग्रहण कर रहा हूं. मैं बहुत छोटे से गांव में मिट्टी के घर में पला बढ़ा हूं और यहां तक मेरी यात्रा काफी लंबी रही.
उन्होंने यह भी कहा कि देश की सफलता का मंत्र उसकी विविधता है और यही विविधता हमारा वह आधार है जो हमें अद्वितीय बनाता है.

श्री कोविंद ने कहा, इस देश में हमें राज्यों और क्षेत्रों, पंथों, भाषाओं, संस्कृतियों, जीवन शैलियों जैसी कई बातों का सम्मिश्रण देखने को मिलता है. हम बहुत अलग हैं, लेकिन फिर भी एक हैं, एकजुट हैं. उन्होंने कहा कि देश की सफलता का मंत्र उसकी विविधता है. विविधता ही हमारा वह आधार है जो हमें अद्वितीय बनाता है.

नए राष्ट्रपति ने कहा कि 21वीं सदी का भारत, ऐसा भारत होगा जो हमारे पुरातन मूल्यों के अनुरूप होने के साथ ही साथ चौथी औद्योगिक क्रांति को भी विस्तार देगा. इसमें ना कोई विरोधाभास है और ना ही किसी तरह के विकल्प का प्रश्न उठता है. उन्होंने कहा कि हमें अपनी परंपरा और प्रौद्योगिकी, प्राचीन भारत के ज्ञान और समकालीन भारत के विज्ञान को साथ लेकर चलना है.
 


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