पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
 पहला पन्ना > राजनीति Print | Send to Friend | Share This 

लोकसभा में परमाणु दायित्व विधेयक पेश

लोकसभा में परमाणु दायित्व विधेयक पेश

नई दिल्ली. 7 मई 2010

सरकार ने शुक्रवार को लोकसभा में बजट सत्र के आखिरी दिन विपक्ष के भारी हंगामे के बीच विवादास्पद असैन्य परमाणु दायित्व विधेयक पेश कर दिया. प्रमुख विपक्षी पार्टी भाजपा के सांसद इस बिल के पेश होते ही हंगामा मचाने लगे और इसे असंवैधानिक करार देते हुए सदन से वॉकआउट कर गए. सरकार को भाजपा के अलावा वामपंथी पार्टियों का भी भारी विरोध झेलना पड़ा.

भाजपा के नेता यशवंत सिन्हा ने सदन में बिल पेश किए जाने के बाद कहा, "यह संविधान के अनुच्छेदों के विपरीत है। यह गैर कानूनी और असंवैधानिक है." उन्होंने केंद्र सरकार पर अमरीकी दबाव में काम करने का आरोप भी लगाया. दूसरी ओर भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी (भाकपा) के गुरुदास दासगुप्ता ने कहा कि वह इस बिल का पूर्णतः विरोध करते हैं.

उल्लेखनीय है कि परमाणु जन दायित्व विधेयक में प्रावधान है कि किसी भी परमाणु दुर्घटना की स्थिति में परमाणु संयंत्र के ऑपरेटर को अधिकतम 500 करोड़ रुपये का हर्जाना देना होगा. इस विधेयक का पारित होना भारत-अमरीका के बीच संपन्न 123 असैन्य परमाणु सहयोग समझौतों को लागू करने के लिए ज़रूरी है.


[an error occurred while processing this directive]
 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in