पहला पन्ना > > Print | Share This  

मैं भाजपा की गुलाम नहीं: ममता

पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी का निधन

नई दिल्ली. 16 अगस्त 2018
 

atal bihari vajpayee

पूर्व प्रधामंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता अटल बिहारी वाजपेयी का 93 साल की उम्र में गुरुवार को निधन हो गया.  श्री वाजपेयी को यूरीन इनफेक्शन होने के चलते 11 अगस्त को नई दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया था. पिछले कुछ दिनों से उनकी तबीयत काफी खराब हो गई थी.

तीन बार देश के प्रधानमंत्री रहे वाजपेयी अस्वस्थता के चलते लंबे समय से सार्वजनिक जीवन से दूर थे. वो आखिरी बार 2015 को सार्वजनिक जीवन में तब दिखे थे जब राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी उन्हें भारत रत्न प्रदान करने उनके घर गए थे.

वाजपेयी के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त किया है. उन्होंने कहा है, ''अटल जी आज हमारे बीच में नहीं रहे, लेकिन उनकी प्रेरणा, उनका मार्गदर्शन, हर भारतीय को, हर भाजपा कार्यकर्ता को हमेशा मिलता रहेगा. ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे और उनके हर स्नेही को ये दुःख सहन करने की शक्ति दे। ओम शांति !''

उनके लंबे समय तक राजनीतिक साथी रहे लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि 'आज मेरे पास अपने दुख को व्यक्त करने के लिए शब्द नहीं हैं। भारत के सबसे बड़े राजनेताओं में से एक अटल बिहारी वाजपेयी को हमने खो दिया है. मेरे लिए, अटलजी एक वरिष्ठ साथी से भी बढ़कर थे- वास्तव में वह 65 साल से भी ज्यादा समय तक मेरे सबसे करीबी मित्र रहे।'

अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसबंर, 1924 को गुलाम भारत के ग्वालियर स्टेट में हुआ, जो आज के मध्यप्रदेश का हिस्सा है. उन्होंने कानपुर के डीएवी कॉलेज से कानून की पढ़ाई की थी.

वाजपेयी 10 बार लोकसभा और दो बार राज्यसभा के सदस्य रहे. वह उत्तर प्रदेश, दिल्ली, मध्य प्रदेश और गुजरात से सांसद भी रहे. वे पहले एसे पीएम बने जिन्होंने किसी गैर कांग्रेसी सरकार के पाँच साल का कार्यकाल पूरा किया.

बीजेपी के संस्थापक सदस्यों में शामिल वाजपेयी पहली बार साल 1996 में देश के पीएम बने. दूसरी बार साल 1998 में पीएम बने और चुनाव में जीत के बाद तीसरी बार साल 1999 में पीएम बने और साल 2004 तक पीएम बने रहे.