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निठारी कांड के अभियुक्त सुरेंद्र कोली को फांसी

निठारी कांड के अभियुक्त सुरेंद्र कोली को फांसी

गाज़ियाबाद. 12 मई 2010

नोएडा के बहुचर्चित निठारी कांड की सुनवाई करते हुए बुधवार को सीबीआई की विशेष अदालत ने प्रमुख अभियुक्त सुरेंद्र कोली को फांसी की सज़ा सुनाई है. कोली पर सात वर्षीया बच्ची आरती के अपहरण, बलात्कार और फिर हत्या करने का आरोप है. अदालत ने गत 4 मई को ही कोली को दोषी करार दे दिया था लेकिन वकीलों की हड़ताल के चलते उसे अब तक सज़ा सुनाई नहीं जा सकी थी.

गाज़ियाबाद में सीबीआई की विशेष अदालत के जज ए.के.सिंह ने कोली को आरती के साथ दुष्कर्म करने के लिए 7 साल, उसकी हत्या के सुबूत नष्ट करने के अपराध में 5 साल और उसकी हत्या के आरोप में फांसी की सज़ा सुनाई है. गौरतलब है कि दिसंबर 2009 में पुलिस को नोएडा के गौतमबुद्ध नगर में मनिंदर सिंह पंधेर की कोठी डी-5 के पीछे एक नाले में 19 बच्चों के कंकाल मिले थे. इसके बाद पंधेर को उसके नौकर सुरेंद्र कोली के साथ हत्या, बलात्कार जैसे 17 अपराधिक मामलो में सहअभियुक्त बनाया गया था.

इससे पहले सीबीआई की विशेष अदालत ने इस मामले में मृत एक अन्य बच्ची रिंपा हलदार के बलात्कार और हत्या का दोषी पंधेर और कोली को माना था और दोनों को फांसी की सज़ा सुनाई थी. जिसके बाद सितंबर 2009 में पंधेर ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में इस फैसले के खिलाफ अपील की थी और उसे बरी कर दिया था जबकि कोली की सज़ा बरकरार रखी गई थी. बाद में हाईकोर्ट ने कोली की याचिका पर सुनवाई करते हुए उसकी फांसी पर भी अस्थाई रोक लगाई थी लेकिन अब उसे फांसी की सज़ा देने का फैसला कर लिया गया है.


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