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आफताब अंसारी की फांसी की सज़ा पर रोक

आफताब अंसारी की फांसी की सज़ा पर रोक

नई दिल्ली. 25 मई 2010

उच्चतम न्यायालय ने वर्ष 2002 में कोलकाता स्थित अमरीकन सेंटर पर हुए हमले के मुख्य आरोपी आफताब अंसारी की मौत की सज़ा पर रोक लगा दी है. 23 मई 2002 को हुई इस घटना में दो मोटरसाईकल सवार व्यक्तियों ने कोलकाता के अमरीकन सेंटर के पास जाकर अंधाधुंध गोलियां दागीं थी जिसके फलस्वरूप वहां मौजूद 5 पुलिसकर्मी मारे गए और 14 अन्य घायल हो गए थे. इसका मुख्य आरोपी आफताब अंसारी पहले तो दुबई भागने में कामयाब रहा लेकिन बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया.

इसके बाद मामले के अन्य आरोपियों नसीर हसन, रेहान आलम, शकील मल्लिक, पटेल दिलीप कुमार कांतिलाल, मुशर्रफ हुसेन, हसरत आलम तथा शकिर अख्तर को भी गिरफ्तार किया गया था. इन सबको राष्ट्र विरोधी ताकतों का सहयोग, हत्या तथा अवैध हथियारों का इस्तेमाल करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. मामले की सुनवाई के दौरान निचली अदालत ने पटेल दिलीप कुमार तथा शकील मल्लिक को रिहा करते हुए सात अन्य अभियुक्तों को फांसी की सजा सुनाई थी. इसके बाद आरोपियों ने कोलकाता हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी जिसने उनकी सज़ा को बरकरार रखा.

आफताब अंसारी ने इस फैसले के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में अपील दायर की थी. जिसकी सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति जीएस सिंघवी और न्यायमूर्ति सीके प्रसाद की बेंच ने फांसी पर अंतरिम रोक लगाने के आदेश जारी किए. इसके साथ ही अदालत ने पश्चिम बंगाल सरकार से अंसारी की याचिका पर चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा है.