पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
 पहला पन्ना > राजनीति > आतंकवाद Print | Send to Friend | Share This 

आज़ाद कश्मीर चाहते हैं कश्मीरी

आज़ाद कश्मीर चाहते हैं कश्मीरी

नई दिल्ली. 27 मई 2010


कश्मीर की 74 से 95 फीसदी आबादी आज़ाद कश्मीर के पक्ष में है. यह दावा एक ब्रितानी अकादमिक डॉक्टर रॉबर्ट ब्रेडनॉक ने किया है.

बीबीसी के अनुसार ब्रितानी अकादमिक डॉक्टर रॉबर्ट ब्रेडनॉक द्वारा भारत और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के 3700 लोगों से बातचीत के बाद दावा किया है कि 74 से 95 फ़ीसदी लोग आज़ादी चाहते हैं जबकि हिंदू बहुल जम्मू इलाक़े में एक फ़ीसदी से भी कम लोग इसके हिमायती हैं.

डॉक्टर रॉबर्ट ब्रेडनॉक द्वारा विभिन्न सवालों पर आधारित इस सर्वेक्षण के निष्कर्ष में कहा गया है कि पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में 44 फ़ीसदी लोग आज़ादी के पक्षधर हैं तो भारत प्रशासित कश्मीर में कुल मिला कर 43 फ़ीसदी लोग ऐसा चाहते हैं. हालांकि डॉक्टर ब्रेडनॉक ने बीबीसी को बताया कि दोनों ओर के कश्मीर में कुल मिला कर आज़ादी को लेकर बहुमत नज़र नहीं आया.

उनके मुताबिक ये स्पष्ट है कि अगर आज 1948-49 के संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों के मुताबिक कश्मीर के भविष्य पर जनमतसंग्रह करवाया जाता है तो इससे मसले का हल निकलने के आसार कम ही हैं. उन्होंने कहा कि भारत प्रशासित कश्मीर में मत बहुत ज़्यादा बंटा हुआ था.

बीबीसी से बातचीत में डॉक्टर ब्रेडनॉक का कहना है, "सर्वेक्षण के नतीजे बताते हैं कि ऐसा कोई एक हल या प्रस्ताव नहीं है जिसे समाधान के तौर पर पेश किया जा सके और जिसे ज़्यादातर लोगों का समर्थन मिले. पर ये सर्वेक्षण कुछ संकेत ज़रूर देता है कि भारत, पाकिस्तान और व्यापक तौर पर कश्मीरी प्रतिनिधियों को मिलकर राजनीतिक प्रक्रिया को आगे बढा़ना चाहिए."

सर्वे के मुताबिक ज़्यादातर लोग विवाद का हल चाहते हैं हालांकि इसका कोई 'आसान' समाधान नहीं है.

सर्वे से जुड़े अन्य तथ्य इस तरह हैं-
• दोनों ओर कश्मीर के लोग मानते हैं कि ये विवाद निजी स्तर पर उनके लिए अहम है.
• मानवाधिकार हनन संबंधी मामलों को लेकर भारत प्रशासित कश्मीर में 43 फ़ीसदी लोग चिंतित हैं जबकि पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में 19 फ़ीसदी.
• पाकिस्तानी क्षेत्र में बेरोज़गारी को लेकर 66 प्रतिशत लोगों में चिंता है जबकि भारतीय क्षेत्र में 87 फ़ीसदी लोगों में.
• पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में 27 फ़ीसदी और भारत प्रशासित कश्मीर में 57 फ़ीसदी लोग मानते हैं कि शांति वार्ता सफल होगी.


[an error occurred while processing this directive]
 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in