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आज़ाद कश्मीर चाहते हैं कश्मीरी

आज़ाद कश्मीर चाहते हैं कश्मीरी

नई दिल्ली. 27 मई 2010


कश्मीर की 74 से 95 फीसदी आबादी आज़ाद कश्मीर के पक्ष में है. यह दावा एक ब्रितानी अकादमिक डॉक्टर रॉबर्ट ब्रेडनॉक ने किया है.

बीबीसी के अनुसार ब्रितानी अकादमिक डॉक्टर रॉबर्ट ब्रेडनॉक द्वारा भारत और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के 3700 लोगों से बातचीत के बाद दावा किया है कि 74 से 95 फ़ीसदी लोग आज़ादी चाहते हैं जबकि हिंदू बहुल जम्मू इलाक़े में एक फ़ीसदी से भी कम लोग इसके हिमायती हैं.

डॉक्टर रॉबर्ट ब्रेडनॉक द्वारा विभिन्न सवालों पर आधारित इस सर्वेक्षण के निष्कर्ष में कहा गया है कि पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में 44 फ़ीसदी लोग आज़ादी के पक्षधर हैं तो भारत प्रशासित कश्मीर में कुल मिला कर 43 फ़ीसदी लोग ऐसा चाहते हैं. हालांकि डॉक्टर ब्रेडनॉक ने बीबीसी को बताया कि दोनों ओर के कश्मीर में कुल मिला कर आज़ादी को लेकर बहुमत नज़र नहीं आया.

उनके मुताबिक ये स्पष्ट है कि अगर आज 1948-49 के संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों के मुताबिक कश्मीर के भविष्य पर जनमतसंग्रह करवाया जाता है तो इससे मसले का हल निकलने के आसार कम ही हैं. उन्होंने कहा कि भारत प्रशासित कश्मीर में मत बहुत ज़्यादा बंटा हुआ था.

बीबीसी से बातचीत में डॉक्टर ब्रेडनॉक का कहना है, "सर्वेक्षण के नतीजे बताते हैं कि ऐसा कोई एक हल या प्रस्ताव नहीं है जिसे समाधान के तौर पर पेश किया जा सके और जिसे ज़्यादातर लोगों का समर्थन मिले. पर ये सर्वेक्षण कुछ संकेत ज़रूर देता है कि भारत, पाकिस्तान और व्यापक तौर पर कश्मीरी प्रतिनिधियों को मिलकर राजनीतिक प्रक्रिया को आगे बढा़ना चाहिए."

सर्वे के मुताबिक ज़्यादातर लोग विवाद का हल चाहते हैं हालांकि इसका कोई 'आसान' समाधान नहीं है.

सर्वे से जुड़े अन्य तथ्य इस तरह हैं-
• दोनों ओर कश्मीर के लोग मानते हैं कि ये विवाद निजी स्तर पर उनके लिए अहम है.
• मानवाधिकार हनन संबंधी मामलों को लेकर भारत प्रशासित कश्मीर में 43 फ़ीसदी लोग चिंतित हैं जबकि पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में 19 फ़ीसदी.
• पाकिस्तानी क्षेत्र में बेरोज़गारी को लेकर 66 प्रतिशत लोगों में चिंता है जबकि भारतीय क्षेत्र में 87 फ़ीसदी लोगों में.
• पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में 27 फ़ीसदी और भारत प्रशासित कश्मीर में 57 फ़ीसदी लोग मानते हैं कि शांति वार्ता सफल होगी.