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पैसे लेकर सपा ने की साजिश- अमर सिंह

पैसे लेकर सपा ने की साजिश- अमर सिंह

नई दिल्ली. 31 मई 2010


समाजवादी पार्टी से निष्कासित नेता अमर सिंह ने आरोप लगाया है कि उनके खिलाफ 500 करोड़ रुपये के घोटाले की रिपोर्ट के पीछे मुलायम सिंह यादव के भाई और पुत्र जिम्मेवार हैं. अमर सिंह ने अपने ब्लॉग में आरोप लगाया है कि इसके लिये सपा के एक पदाधिकारी को एक बार पांच करोड़ और दूसरी बार दो करोड़, कुल सात करोड़ दिए गए. उन्होंने कहा है कि जब तक मेरे सियासी रकीब चुप रहेंगे, मै चुप रहूंगा.

अपनी पुरानी पार्टी के बारे में अंतिम बार लिखने का दावा करते हुए अमर सिंह ने कहा है कि बाबूपुरवा थाने में जिस झूठी शिकायत पर मुझ पर पांच सौ करोड़ के घोटाले का झूठा आरोप लगाया गया उस के मूल में बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती जी नहीं बल्कि हमारी पुरानी पार्टी के प्रमुख के भाई एवं पुत्र शामिल है. मुम्बई के एक प्रमुख उद्योग घराने के दो भाइयों के द्वन्द के बाद हुई सुलह के बाद इस उलझन के सारे तार सुलझ गए है. मुझे फ़साने के लिए मेरी पुरानी पार्टी के एक पदाधिकारी को एक बार पांच करोड़ और दूसरी बार दो करोड़, कुल सात करोड़ दिए गए.

अमर सिंह ने अपने ब्लॉग में लिखा है कि उत्तर प्रदेश के एक स्थानीय नेता और एक वित्तीय कम्पनी में कार्यरत उनकी बिटिया और एक केन्द्रीय नेता की जानकारी में एक निश्चित मोटी राशि मेरे पुराने दल को एवं केन्द्रीय मंत्रिमंडल में शामिल करने के प्रस्ताव मेरे पुराने दल के नेताओं को देकर मेरे सियासी क़त्ल की साजिश का काम-काज हुआ.

अमर सिंह ने इस पूरे मामले के सबूत अपने पास होने का दावा करते हुए लिखा है कि मुंबई में झगड़ रहे दो उद्यमियों की सुलह के बाद षडयंत्रकारियों ने डर के मारे कम्पूटर साफ्टवेअर का सारा हार्डवेअर मुझे देकर इस रहस्य के सारे प्रमाण मुझे दे दिये है. कहते है कि दो बड़ों के झगड़ों में जो पडा वो मरा. अब यह दोनों बड़े मिल कर उन छोटों का हिसाब चुकता करेंगे जिन्होंने दोनों के झगड़ों की मलाई लम्बे समय तक खाई.

अमर सिंह ने धमकाने वाले अंदाज में लिखा है कि मेरे पुराने नेता ने मेरे अपने परिवार के एक सदस्य को गुमराह करने की कोशिश की. बराए करम इस ब्लॉग का खंडन करने की जुर्रत कोई ना करे क्यूंकि अब जो मै लिख रहा हूँ, उसके प्रमाण मेरे पास है और अगर किसी “माई के लाल” ने कुछ कहा तो खुला प्रेस कर मै प्रमाण उजागर कर दूंगा.

अमर सिंह ने मायावती की तारीफ करते हुए कहा है कि चौदह वर्षों तक जिस पार्टी को मैने अपने लख्ते जिगर से सींचा उसी पार्टी के लोगों ने साजिश की और मैने शुब्हा मायावती जी और कांग्रेस पर किया, मै शर्मशार हूँ. पुलिस भर्ती में जिस ईमानदारी से बसपा सरकार ने कामकाज किया है कि बिना सिफारिश के हर गाँव में पांच-छह भर्ती हुई है, उसके लिए मै बसपा सरकार को मुबारकबाद देता हूँ. अब जब तक मेरे सियासी रकीब चुप रहेंगे, मै चुप रहूंगा.


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