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अक्षरधाम मंदिर मामले में तीन को फांसी

अक्षरधाम मंदिर मामले में तीन को फांसी

अहमदाबाद. 1 जून 2010


गुजरात उच्च न्यायालय ने अक्षरधाम आतंकी हमले की सुनवाई करते हुए मंगलवार को मामले में पोटा अदालत के फैसले को बरकरार रखा है. गुजरात उच्च न्यायालय की ओर से जज आरएम दीक्षित और केएम ठाकुर की पीठ ने यह फैसला सुनाया. 24 सितंबर 2002 को अहमदाबाद के अक्षरधाम मंदिर में हुए इस आतंकवादी हमले में 32 लोगों की मौत हो गई थी और 76 लोग जख्मी हो गए थे. इस मामले में आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैय्यबा के 6 आतंकियों को पकड़ा गया था.

इसके बाद जुलाई 2006 में विशेष पोटा सोनिया गोकाणी की अदालत ने इस मामले की सुनवाई करते हुए तीन आरोपियों अदम अजमेरी, शान मियां और मुफ्ती अब्दुल कय्यूम को मौत की सजा सुनाई. इसके अलावा तीन अन्य आरोपियों में से सलीम शेख को उम्रकैद, अब्दुल मियां कादरी को दस साल, अल्ताफ हुसैन को पाँच साल की सजा सुनाई गई थी. आरोपियों ने इसके खिलाफ गुजरात उच्च न्यायालय में अपील की थी. लेकिन मंगलवार को गुजरात उच्च न्यायालय ने पोटा अदालत के निर्णय को बरकरार रखा.
 

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