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भारत-श्रीलंका के बीच सात समझौते हुए

भारत-श्रीलंका के बीच सात समझौते हुए

नई दिल्ली. 9 जून 2010

भारत और श्रीलंका के बीच बुधवार को आपसी सहयोग के सात मुद्दों पर समझौते हुए हैं. यह समझौते सुरक्षा, विकास और बिजली जैसे मुद्दों पर हुए. गौरतलब है कि श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंद्रा राजपक्षे भारत के चार दिवसीय दौरे पर आए हुए हैं. बुधवार को प्रधानमंश्री मनमोहन सिंह और राजपक्षे की मुलाकात के बाद इन समझौते पर हस्ताक्षर किए गए. इसके साथ ही दोनों नेताओं की श्रीलंका में मौजूद तमिल गुटों के साथ बातचीत करने के बारे में भी चर्चा हुई.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने लिट्टे के खिलाफ हुए युद्ध से बेघर तमिलों के पुनर्वास, उनकी अजीविका सुनिश्चित करने और उन्हें सम्मानित जीवन प्रदान करने जैसे मुद्दों पर भी बातचीत की. बातचीत के दौरान राजपक्षे ने उन्हें तमिलों के पुनर्वास और जातीय समस्या के लिए स्थाई समाधान ढूंढने के लिए किए जा रहे श्रीलंकाई सरकार के प्रयासों के बारे में बताया.

दोनों देशों के बीच जो समझौते हुए हैं उसमें बेघर तमिलों के लिए 50 हजार घर बनाने, भारत-श्रीलंका के बीच परंपरागत समुद्री य़ात्रा मार्ग बहाल करने, जाफ़ना और हंबानटोटा में वाणिज्य दूतावास बनाने जैसे मुद्दे प्रमुख हैं. इसके अलावा भारत-श्रीलंका के पावर ग्रिडों को जोड़ने, ट्रिंकोमाली में बिजलीघर बनाने, तलाइमनार-मधु रेलवे लाइन का निर्माण करने को लेकर समझौते हुए हैं. दोनों देशों के सांस्कृतिक आदान-प्रदान को लेकर भी एक समझौता हुआ है. यह भी तय हुआ है कि अहमदाबाद स्थित ‘सेवा’ नाम की एक संस्था श्रीलंका में युद्ध में विधवा हुई महिलाओं के पुनर्वास में सहायता करेगी.




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