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झारखंड में नक्सलियों के कई कैंप ध्वस्त

झारखंड में नक्सलियों के कई कैंप ध्वस्त

रांची. 14 जून 2010


झारखंड के चाइबासा जिले के सोनुवा और बंदगांव के बीच टेबो पहाड़ी पर पुलिस और नक्सलियों के बीच करीब 26 घंटे तक चली मुठभेड़ में पुलिस ने 10 नक्सलियों को मारने का दावा किया है. पुलिस ने नक्सलियों के 8 ट्रेनिंग कैप भी ध्वस्त किये हैं. हालांकि पुलिस अभी तक किसी नक्सली का शव बरामद नहीं कर पायी है.
maoist-police

पुलिस के अनुसार इलाके में करीब 300 नक्सली मौजूद थे. सूचना मिलने पर पुलिस ने शनिवार को क्षेत्र का घेराव कर दिया था. चाइबासा के पुलिस अधीक्षक अखिलेश झा ने बताया कि इस आपरेशन को ग्रीन हॉक नाम दिया गया था और अभियान में दो हज़ार से अधिक पुलिसकर्मियों ने हिस्सा लिया.

स्थानीय दैनिक प्रभात खबर के अनुसार मुठभेड़ के बाद पहाड़ पर मिले चावल, चूड़ा और सूखी मछली से पुलिस ने यह आशंका व्यक्त की है कि यहां आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल के कई बड़े माओवादी नेता भी मौजूद थे. मुठभेड़ के दौरान बड़े नक्सली वहां से भागने में लगे थे, वहीं सशस्त्र दस्ता पुलिस से मुठभेड़ करता रहा.

रविवार को दिन के करीब एक बजे मुठभेड़ समाप्त हुई. इस दौरान सीआरपीएफ के तीन और जवान ओम प्रकाश, मंटू गौर और शशिभूषण घायल हो गये. घायलों को हेलीकॉप्टर से रांची ला कर अपोलो अस्पताल में भरती कराया गया है.

मुठभेड़ खत्म होने के बाद पुलिस ने टेबो पहाड़ पर सर्च ऑपरेशन चलाया. कई सामान मिले. आइजी ऑपरेशन डीके पांडेय ने बताया कई जगहों पर खून के धब्बे मिले हैं. हालांकि किसी भी नक्सली का शव नहीं मिला है. इसलिए नक्सलियों के मारे जाने का दावा नहीं किया जा सकता. पर इतना तय है कि पुलिस की गोलियां कम से कम 15 नक्सलियों को लगी हैं. सर्च के दौरान वहां मिले विस्फोटकों को नष्ट कर दिया गया है.


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