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मणिपुर में 65 दिन की नाकाबंदी हटी

मणिपुर में 65 दिन की नाकाबंदी हटी

इंफाल. 16 जून 2010


पिछले 65 दिनों से मणिपुर को शेष भारत से जोड़ने वाली दो राजमार्गों पर चली आ रही नगा स्टूडेंट्स फेडरेशन की नाकेबंदी खत्म हो गयी है. नगा स्टूडेंट्स फेडरेशन ने दावा किया है कि उनके संगठन ने प्रधानमंत्री की अपील के बाद यह नाकाबंदी अस्थायी रुप से हटाई है. ज्ञात रहे कि सोमवार को इस संगठन ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की थी.

NSF to suspend agitation


नगा स्टूडेंट्स फेडरेशन यानी एनएसएफ ने पिछले 65 दिनों से अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में दो राजमार्गों पर नाकाबंदी कर रखी थी. इस नाकेबंदी के कारण मणिपुर का शेष भारत से सड़क संपर्क प्रभावित हो रहा था. राज्य के अधिकांश हिस्से में एक किलो चावल 70 रुपये, एक लीटर पेट्रोल 200 रुपये, रसोई गैस का सिलिंडर ब्लैक माकेर्ट में 1,000 से 1,200 रुपये का मिल रहा था.

नगा स्टूडेंट्स फेडरेशन के अध्यक्ष मुत्सीखोयो योबू ने मांग रखी थी कि मणिपुर सरकार नगालैंड और मणिपुर के बीच नगा लोगों की आवाजाही को प्रभावित नहीं करे. योबू ने कहा था कि मणिपुर से सुरक्षाबलों को भी हटाया जाये. इसके अलावा नगा स्टूडेंट्स फेडरेशन राज्य सरकार द्वारा राज्य में स्वायत्त जिला काउंसिल यानी एडीसी के चुनाव कराने के फैसले का विरोध कर रहा है. ये चुनाव 20 साल बाद होने थे. इनका पहला चरण 26 मई को संपन्न हुआ, दूसरा 2 जून को.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से बातचीत के बाद नगा स्टूडेंट्स फेडरेशन ने नाकेबंदी हटाने का फैसला लिया. संगठन के अध्यक्ष मुत्सीखोयो योबू ने कहा कि हमारा प्रधानमंत्री पर पूरा भरोसा है. उन्होंने हमें आश्वस्त किया कि वो सभी मुद्दों पर मणिपुर सरकार से बातचीत करेंगे.

इधर गृह मंत्रालय ने नाकेबंदी से निपटने के लिये कई उपाय किये जाने का दावा किया है. गृह मंत्रालय से जारी बयान में कहा गया कि राजमार्ग पर मौजूदा चक्काजाम से केन्द्र सरकार खासी चिन्तित है. गृह मंत्री पी चिदंबरम नगालैंड और मणिपुर के मुख्यमंत्रियों से बातचीत कर घेराबंदी को समाप्त करने के लिए उठाये जाने वाले कदमों पर चर्चा कर चुके हैं.

मणिपुर सरकार के आग्रह पर केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने राजमार्ग पर जल्द ही अतिरिक्त अर्धसैनिक बल तैनात करने का फैसला किया है ताकि रास्ता खोला जा सके.

मंत्रालय के बयान में कहा गया कि घेराबंदी के बाद से अब तक मणिपुर को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाये गये हैं. 18 मई 2010 को इम्फाल में जीवन रक्षक दवाओं की दो खेप भेजी गयीं. उसी दिन भारतीय वायुसेना के विमान ने जीवनरक्षक दवाओं की अतिरिक्त खेप पहुंचायी गई. 23 मई को गुवाहाटी स्थित भारतीय खाद्य निगम के गोदाम से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत वितरित होने वाले चावल को विमान के जरिए पहुंचाया गया.

बयान के मुताबिक राज्य पुलिस की निगरानी में राष्ट्रीय राजमार्ग-53 के जरिए आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति की गयी. पेट्रोलियम उत्पाद, चावल आदि के 1000 से अधिक ट्रक और टैंकर मणिपुर भेजे गये. विमान के जरिए 32 किलोलीटर कैरोसिन भी भेजा गया.

बयान में बताया गया कि 21 मई से राज्य पुलिस की देखरेख में राजमार्ग संख्या-53 से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति चालू की गयी. राष्ट्रीय राजमार्ग-150 के जरिए भी मणिपुर को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति की जा रही है.


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