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राजस्थान में तनाव, सेना तैनात

राजस्थान में तनाव, सेना तैनात


जयपुर . 24 मई 2008
गूजरों को जनजाति का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर राज्य भर में किए जा रहे गूजरों के आंदोलन से जन जीवन ठप्प पड़ गया है.

कल गूजरों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस फायरिंग में 16 लोगों के मारे जाने की घटना के बाद से ही राज्य में तनाव का वातावरण बना हुआ है. राज्य में इस उग्र आंदोलन से निपटने के लिए सेना की तैनाती भी की गई है.

बयाना के इलाके में मृतकों के शव लेकर रेल पटरियों पर बैठने के कारण इलाके में रेल परिवहन बंद है. हालांकि राज्य सरकार ने पुलिस फायरिंग की न्यायिक जांच करवाने की घोषणा की है लेकिन यह घोषणा उग्र आंदोलन कर रहे लोगों के लिए बेअसर साबित हुई है.

भीलवाड़ा, झालवाड़ा और कोटा में स्थिति ज्यादा गंभीर बनी हुई है, जहां चक्का जाम और बंद जैसे आंदोलन चलाए जा रहे हैं. राज्य के दस जिलों में धारा 144 लागू कर दी है.

स्थिति से निपटने के लिए सेना के जवानों को भी सतर्क कर दिया गया है और बयाना व करौली में जवानों की तैनाती भी की गई है.

विगत एक साल से गूजरों को जनजाति का दर्जा देने की मांग को लेकर राज्य में आंदोलन चल रहा है और इस आंदोलन में अब तक कम से कम 42 लोग मारे गए हैं.


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