पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
 पहला पन्ना > मुद्दा > राजस्थान Print | Send to Friend 

राजस्थान में तनाव, सेना तैनात

राजस्थान में तनाव, सेना तैनात


जयपुर . 24 मई 2008
गूजरों को जनजाति का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर राज्य भर में किए जा रहे गूजरों के आंदोलन से जन जीवन ठप्प पड़ गया है.

कल गूजरों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस फायरिंग में 16 लोगों के मारे जाने की घटना के बाद से ही राज्य में तनाव का वातावरण बना हुआ है. राज्य में इस उग्र आंदोलन से निपटने के लिए सेना की तैनाती भी की गई है.

बयाना के इलाके में मृतकों के शव लेकर रेल पटरियों पर बैठने के कारण इलाके में रेल परिवहन बंद है. हालांकि राज्य सरकार ने पुलिस फायरिंग की न्यायिक जांच करवाने की घोषणा की है लेकिन यह घोषणा उग्र आंदोलन कर रहे लोगों के लिए बेअसर साबित हुई है.

भीलवाड़ा, झालवाड़ा और कोटा में स्थिति ज्यादा गंभीर बनी हुई है, जहां चक्का जाम और बंद जैसे आंदोलन चलाए जा रहे हैं. राज्य के दस जिलों में धारा 144 लागू कर दी है.

स्थिति से निपटने के लिए सेना के जवानों को भी सतर्क कर दिया गया है और बयाना व करौली में जवानों की तैनाती भी की गई है.

विगत एक साल से गूजरों को जनजाति का दर्जा देने की मांग को लेकर राज्य में आंदोलन चल रहा है और इस आंदोलन में अब तक कम से कम 42 लोग मारे गए हैं.


[an error occurred while processing this directive]
 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in