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ठाकरे बंधुओं के बीच सुलह की कोशिश

ठाकरे बंधुओं के बीच सुलह की कोशिश

मुंबई. 27 जून 2010


अपनी जमीन पर कमजोर हो रही शिवसेना ने नया पैंतरा खेलते हुए राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के बीच सुलह की गुंजाइश तलाशनी शुरु कर दी है. पार्टी के मुखपत्र सामना में छपे एक संपादकीय में तर्क दिया गया है कि जब अंबानी बंधु एक हो सकते हैं तो दोनों ठाकरे क्यों नहीं.

शिव सेना


ज्ञात रहे कि पांच साल पहले शिव सेना से अलग हो कर राज ठाकरे ने महाराष्ट्र निर्माण सेना का गठन किया था. उसके बाद से शिवसेना और महाराष्ट्र निर्माण सेना के बीच संघर्ष होता रहा है.

लोकसभा चुनाव में हार के बाद सामना में ही बाल ठाकरे ने एक संपादकीय में लिखा था कि राज से खून का रिश्ता खत्म हो गया. साथ ही यह भी कहा था कि जो भी शिवसेना का दुश्मन है, वह बाल ठाकरे का सबसे ब़डा दुश्मन है. अब उसी सामना में दोनों ठाकरे बंधुओं के बीच सुलह की बात हो रही है.

शिवसेना के सांसद संजय राउत का कहना है कि ना तो बाला साहेब और ना ही उद्धव खून के रिश्ते को तोड़कर राजनीतिक खेल खेलना चाहते हैं. दोनों की लड़ाई का फायदा दूसरे लोग उठा रहे हैं. ऐसे में अगर दोनों भाई एक हो जाते हैं तो राज्य की स्थिति ही बदल जायेगी.


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