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प्रसिद्ध पहलवान चंदगी राम का निधन

प्रसिद्ध पहलवान चंदगी राम का निधन

नई दिल्ली. 29 जून 2010

भारत के प्रसिद्ध पहलवान चंदगी राम का निधन हो गया है. 1960 एवं 1970 के दशकों में उनकी पहलवानी की चर्चा जोरों पर थी. उन्हें "हिन्द केसरी", "भारत केसरी" समेत कई पुरस्कार मिले थे. भारत सरकार ने उन्हें अर्जुन पुरस्कार और पद्मश्री से भी सम्मानित किया था. ईरान के विश्व चैम्पियन अबुफजी को हराकर बैंकाक एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतना उनका सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन माना जाता है.

हरियाणा के जिला हिसार के सिसाई गांव में 9 नवंबर, 1937 में जन्मे चंदगीराम शुरू में कुछ समय के लिए भारतीय सेना की जाट रेजीमेंट में सिपाही रहे और बाद में स्कूल टीचर होने के कारण उनको 'मास्टर चंदगीराम' भी कहा जाने लगा था. सत्तर के दशक के सर्वश्रेष्ठ पहलवान मास्टर जी को 1969 में अर्जुन पुरस्कार और 1971 में पदमश्री अवार्ड से नवाजा गया.

बीस साल की उम्र के बाद कुश्ती में हाथ आजमाना शुरू करने वाले मास्टर जी ने 1961 में राष्ट्रीय चैम्पियन बनने के बाद से देश का ऐसा कोई कुश्ती का खिताब नहीं रहा जो नहीं जीता हो. इसमें राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के अलावा हिंद केसरी, भारत केसरी, भारत भीम और रूस्तम-ए-हिंद आदि के खिताब शामिल हैं.