पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
 पहला पन्ना > मुद्दा > छत्तीसगढ़ Print | Send to Friend | Share This 

माओवादी प्रवक्ता आज़ाद मारा गया

माओवादी प्रवक्ता आज़ाद मारा गया

हैदराबाद/ जगदलपुर (छत्तीसगढ़ संवाददाता). 2 जुलाई 2010


आंध्रप्रदेश पुलिस ने दावा किया है कि उसके ग्रेहाउंड दस्ते ने कल देर रात एक मुठभेड़ में भाकपा माओवादी के सेंट्रल कमेटी के प्रवक्ता चेरूकुरी राजकुमार उर्फ 'आजाद' को मार गिराया है. आजाद के मारे जाने के बाद आईबी ने नक्सल प्रभावित राज्यों को अलर्ट रहने कहा है.

azad


आंध्र प्रदेश पुलिस के अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है कि आजाद को कल रात महाराष्ट्र बार्डर के पास आदिलाबाद जिला के ग्राम जोगापुर के जंगल में ग्रेहाऊंड ने मार गिराया है. उसके साथ उसका सहयोगी चंद्रन्ना भी मारा गया.

चेरूकुरी राजकुमार जिसे लोग आजाद के नाम से जानते हैं, 50 वर्ष का था. उसका जन्म विजयवाड़ा में हुआ और 1970 में वारंगल से एम.टेक की डिग्री लेने के बाद नक्सलियों से जुड़ गया. वर्तमान में वह नक्सलियों की सेंट्रल कमेटी का प्रवक्ता था. पुलिस ने बताया कि आजाद आंध्र प्रदेश के विधायक नरसिंह रेड्डी और वेंगल रेड्डी की हत्या में शामिल था. उस पर आंध्र के पूर्व मुख्यमंत्री एन.जनार्दन रेड्डी पर नेल्लूर के पास जानलेवा हमले का आरोप भी था. आंध्रप्रदेश पुलिस ने आजाद के सिर पर 15 लाख का इनाम रखा था.

आंध्र के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मुठभेड़ की जगह से आजाद का शव, एक रायफल, एक पिस्तौल और दो बैग बरामद किया गया है. बैग में नक्सलियों के अहम कागजात मिले हैं.

इसे नक्सलियों के लिए एक बड़ा झटका मानते हुए देश की खुफिया एजेंसी आईबी ने नक्सल प्रभावित राज्यों को अलर्ट रहने के लिए कहा है. राज्यों को संकेत दिए गए हैं कि नक्सली बदला लेने के फिराक में कोई बड़ी वारदात कर सकते हैं.

यह मुठभेड़ नहीं, हत्या है- गुड्सा
आजाद की मौत पर अपनी प्रतिक्रया व्यक्त करते दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के प्रवक्ता गुड्सा उसेंडी ने कहा है कि पुलिस ने उनकी हत्या निर्ममता से की है.गुड्सा उसेंडी ने दावा किया है कि कामरेड आजाद नागपुर में थे और गुरुवार को वे दंडकारण्य में होने वाली एक बैठक में शामिल होने आ रहे थे. यह एक सोची समझी हत्या है, जिसे पुलिस मुठभेड़ कह रही है. उसेंडी ने कहा कि यह माओवादियों के लिए बड़ा झटका है. दूसरे मृतक का नाम सहदेवन चंद्रन्ना है जो पार्टी की बैठक में बुलाने के लिए आजाद को लेने नागपुर गया था.

सभी प्रतिक्रियाएँ पढ़ें
 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

bhagat singh raipur c.g.

 
 एक तरफ होम मिनिस्टर वार्ता के लिए स्वामी अग्निवेश को पत्र लिखते हैं और उसका जबाब भी आजाद स्वामी अग्निवेश को देते हैं, और दूसरी तरफ वार्ता के लिए माहौल बनाने की पहल करने वाले की हत्या कर दी जाये तो इस प्रकार के शांति प्रयास की कोशिश कौन करेगा. जब एक प्रक्रिया चलाई जा रही हो तो इतनी ईमानदारी तो दोनों पक्ष में होनी ही चाहिए ही. जब सारी समस्या का हल बन्दूक से ही करना हैं तो फिर ये सब नाटक क्यों? 
   

इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   

 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in