पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
 पहला पन्ना > राज्य > छत्तीसगढ़ Print | Send to Friend | Share This 

नक्सल प्रभावित इलाकों में सेना नहीं: गृह सचिव

नक्सल प्रभावित इलाकों में सेना नहीं: गृह सचिव

रायपुर. 6 जुलाई 2010

केंद्रीय गृह सचिव जी.के.पिल्लई ने सोमवार को छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों की हालत का जायज़ा लिया. श्री पिल्लई ने अपने दो दिन के प्रवास के पहले दिन राजनांदगांव और कांकेर जिलों का दौरा किया. उनके साथ राज्य के डीजीपी विश्वरंजन, एडीजीपी गिरधारी नायक, एडीजी नक्सल रामनिवास सहित पुलिस के कई आला अधिकारी भी साथ थे. इस दौरान उन्होंने दोनों जिलों के कलेक्टरों के साथ बैठक कर इन इलाकों में विकास कार्यों की स्थिति के बारे में विचार विमर्श भी किया.

बैठक के बाद संवाददाताओं को संबोधित करते हुए श्री पिल्लई ने कहा कि नक्सल समस्या को खत्म होने में तीन से सात साल का समय लग सकता है. उन्होंने कहा कि अभी योजना आयोग इन इलाकों के एकीकृत विकास के लिए योजना बना रही है और इसीलिए इन इलाकों में मौजूदा विकास कार्यों और कानून की स्थिति के बारे में जायज़ा लिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास के काम तेजी से किए जा रहे हैं जिससे इस समस्या से निपटने में बहुत मदद मिलेगी.

पत्रकारों द्वारा नक्सल प्रभावित इलाकों में सेना की तैनाती के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि भी इस क्षेत्र में सेना की तैनाती की ज़रूरत नहीं है. नक्सल समस्या से निपटने के लिए केंद्र सरकार का रुख स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार नक्सल मुद्दे पर ऐसी रणनीति बना रही है जिससे कम से कम जनहानि हो. उन्होंने ये भी कहा कि इस मुद्दे के लिए कभी भी राज्य सरकार को पैसे की किल्लत नहीं होने दी जाएगी.

सभी प्रतिक्रियाएँ पढ़ें
 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

bhagat singh raipur c.g.

 
 चलो कोई तो है देश में जो तर्क से सोचता है. 
   

इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   

 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in