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देशव्यापी बंद का व्यापक असर

देशव्यापी बंद का व्यापक असर

नई दिल्ली. 6 जुलाई 2010

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) और अन्य विपक्षी दलों द्वारा सोमवार को बुलाए गए देशव्यापी बंद का व्यापक असर देखने को मिला. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और अन्य विपक्षी पार्टियों के कई वरिष्ठ नेता महंगाई के विरोध में बुलाए गए बंद के दौरान सड़कों पर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए दिखे. बंद का ज्यादा असर राजग और वामपंथी पार्टियों द्वारा प्रशासित राज्यों में ज्यादा देखने को मिला. सभी विपक्षी पार्टियों के कार्यकर्ताओं ने बंद कराने में अपनी पूरी ताकत झोंक दी. बंद के फलस्वरूप सामान्य जनजीवन आज दिनभर बुरी तरह अस्त-व्यस्त रहा और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.

बंद के दौरान मुंबई, लखनऊ और पटना में कई भाजपाई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया. हिरासत में लिए जाने वाले नेताओं में भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी, अरुण जेटली, मुख्तार अब्बास अली नकवी, जनता दल (युनाइटेड) के अध्यक्ष शरद यादव और शिरोमणि अकाली दल की नेता हरसिमरत कौर शामिल हैं. बंद के दौरान कई इलाकों में पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा बसों, टैक्सियों, मेट्रो ट्रेनों और अन्य यातायात के साधनों को भी बंद कराए जाने की बात सामने आई है.

कुछ इलाकों में उपद्रवी कार्यकर्ता को काबू में करने के लिए पुलिस को हल्का बलप्रयोग भी करना पड़ा जिससे कई कार्यकर्ताओं के घायल होने की भी खबर आई. इधर केरल और पश्चिम बंगाल में रेल और वायु यातायात भी प्रभावित हुआ. इन दोनों राज्यों में कई घरेलू विमानन कंपनियों को कम यात्रियों की वजह से अपनी कई फ्लाइटें भी रद्द करनी पड़ी.


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