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सेना प्रमुख को अवमानना नोटिस

सेना प्रमुख को अवमानना नोटिस

नई दिल्ली. 6 जुलाई 2010


दिल्ली उच्च न्यायालय ने शार्ट सर्विस कमीशन के आधार पर चयनित महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने के उसके पूर्व आदेश का पालन करने में सेना के विफल रहने पर सेना प्रमुख को आज अवमानना नोटिस जारी किया.

ज्ञात रहे कि भारतीय सेना में अभी भी महिलाओं को शार्ट टर्म कमीशन दिया जाता है, जबकि उनके पुरुष सहकर्मियों को इन्हीं शाखाओं में स्थायी कमीशन दिया जाता है. इसी भेदभाव को लेकर महिला सैनिकों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था.

अदालत ने मई में महिला अधिकारियों का अगला बैच जारी किये जाने के सेना के निर्णय पर रोक लगा दी थी और सेना को महिलाओं को स्थायी कमीशन दिये जाने का निर्देश दिया था. उच्च न्यायालय ने 12 मार्च को सरकार को आदेश दिया था कि रक्षा सेवाओं में कार्यरत महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने की अनुमति प्रदान की जाये.

सेना द्वारा इस आदेश का पालन नहीं किये जाने पर अदालत ने यह अवमानना नोटिस जारी की. अदालत ने यह आदेश लेफ्टिनेंट कर्नल संगीता सरदाना तथा भारतीय थलसेना में कार्यरत अन्य महिला अधिकारियों द्वारा दायर याचिका पर दिया है. याचिका में आरोप लगाया गया है कि सेना उन्हें स्थायी कमीशन देने में विफल रही.

महिला अधिकारियों का अदालत में पक्ष रखते हुए वकील रेखा पाली ने दलील दी कि भारतीय वायुसेना ने उच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन किया है तथा उसे पिछले महीने लागू कर दिया. इसके विपरीत सेना अपना रुख स्पष्ट करने में विफल रही और अगले बैच से संबंध रखने वाले कुछ अधिकारियों के नाम जारी करने का निर्णय किया, जबकि अदालत ने इस पर रोक लगा रखी है.

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