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नक्सल इलाकों में वायु सेना करेगी पुलिस की मदद

नक्सल इलाकों में वायु सेना करेगी पुलिस की मदद

रायपुर. 7 जुलाई 2010


केंद्रीय गृह सचिव जीके पिल्लई ने कहा है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात अर्धसैनिक बलों और पुलिस को सहयोग देने के लिए वायु सेना का इस्तेमाल किया जाएगा. रायपुर में नक्सली मुद्दों पर आयोजित बैठक के बाद उन्होंने साफ कहा कि नक्सल प्रभावित इलाकों में सेना की तैनाती की कोई आवश्यकता नहीं है और वायु सेना का इस्तेमाल हमले के लिए नहीं किया जाएगा.

सेना


नक्सलियों के साथ बातचीत की संभावना से इंकार करते हुए कहा कि इसके लिए अभी सकारात्मक जवाब नहीं मिला है क्योंकि जब तक नक्सली हिंसा नहीं छोड़ते हैं तब तक उनसे बात नहीं हो सकती है.

पिल्लई ने कहा कि फ़िलहाल नक्सल विरोधी अभियान उतना सशक्त नहीं है जितना उसे होना चाहिए क्योंकि राज्यों के पास पुलिस बल की काफ़ी कमी है.मौजूदा परिस्थितियों में नक्सल समस्या झेल रहे राज्यों के पास आठ लाख पुलिसवालों की कमी है. यही वजह है कि नक्सली समस्या पर काबू पाने में सात वर्षों का समय लग सकता है. वैसे गृह मंत्रालय ने भी अर्धसैनिक बलों की तीस नई बटालियन तैयार करने के प्रस्ताव पर अमल करना शुरू कर दिया है. मगर इसमें भी कुछ वर्षों का वक़्त लग सकता है.

पिल्लई ने कहा कि केंद्र नक्सल समस्या के समाधान के लिए छत्तीसगढ़ को पूरी तरह से मदद कर रहा है. राज्य में पुलिस आधुनिकीकरण और और विकास कार्यों के लिए पर्याप्त धनराशि दी जा रही है तथा राज्य में नक्सलियों के खिलाफ लड़ाई में अच्छे परिणाम भी सामने आ रहे हैं.

गृह सचिव ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तेज गति से विकास का काम करने के लिए केंद्र सरकार ने योजना आयोग के सदस्य सचिव की अध्यक्षता में एक सशक्त समिति का गठन किया है. समिति नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हो रहे विकास कार्यों की समीक्षा करेगी.

गृह सचिव श्री पिल्लई ने स्वीकार किया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कई पुलिस शिविरों के हालत ठीक नहीं है, इन्हें दुरुस्त किया जा रहा है.