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सेना वापसी पर फैसला 13 जुलाई के बाद: उमर

सेना वापसी पर फैसला 13 जुलाई के बाद: उमर

श्रीनगर. 10 जुलाई 2010

जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अबदुल्ला ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार 13 जुलाई को शहीद दिवस के बाद ही राज्य से सेना की तैनाती हटाने के बारे में विचार करेगी. उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी निर्णय लेने से पहली स्थिति का अच्छी तरह से आकलन किया जाएगा. उन्होंने स्वीकार किया कि घाटी में सेना बुलाने के लिए केंद्र से सहायता मांगने का निर्णय उनके लिए सबसे कठिन था. उन्होंने यह भी कहा कि वे इस तरह के निर्णय फिर नहीं लेना चाहेंगे.

घाटी में सेना की तैनाती के बारे में उन्होंने कहा कि स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है. सेना को अभी तक शहर में तैनात नहीं किया गया है. वह केवल बाहरी क्षेत्रों में है और उसे भी दो दिन पहले ही तैनात किया गया था. उन्होंने यह भी कहा कि कि घाटी में सेना की मदद सिर्फ बहुत जरूरत पड़ने पर ही ली जाएगी. उनके अनुसार स्थिति का रोज़ाना आकलन करने के बाद और उच्च स्तर पर पूर्णतः निश्चित होने के बाद ही राज्य से सेना हटाई जाएगी. उल्लेखनीय है कि घाटी के अस्थिर माहौल के बारे में चर्चा करने के लिए उमर अबदुल्ला ने सोमवार को राजधानी श्रीनगर में सर्वदलीय बैठक बुलाई है. 

उधर वामपंथी पार्टी माकपा ने मांग की है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को कश्मीर के मुद्दे पर पहल करनी चाहिए और राज्य के विभिन्न समूहों के साथ बातचीत की प्रक्रिया शुरु की जानी चाहिए. माकपा के वरिष्ठ नेता सीताराम येचुरी ने शनिवार को हैदराबाद में पत्रकारों से कहा कि इस मुद्दे पर विचार विमर्श के लिए प्रधानमंत्री को सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए और मुद्दे पर आम सहमति तैयार करनी चाहिए.


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