पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
 पहला पन्ना > राजनीति Print | Send to Friend | Share This 

सरकार चलाना सड़क बनाने जैसा नहीं: अहलूवालिया

सरकार चलाना सड़क बनाने जैसा नहीं: अहलूवालिया

नई दिल्ली. 12 जुलाई 2010

योजना आयोग के अध्यक्ष मोटेंक सिंह अहलूवालिया ने सड़क एवं परिवाहन मंत्री कमलनाथ की आलोचनाओं का जवाब देते हुए कहा कि सरकार चलाने का काम सड़क बनाने से अलग है. गौरतलब है कि कमलनाथ ने हाल ही में योजना आयोग की कार्यप्रणाली की आलोचना करते हुए कहा था कि यह आयोग सड़क विकास परियोजनाओं की रफ्तार में बाधक है. उन्होंने यह भी कहा था कि योजना आयोग वातानुकूलित कमरों में बैठकर नीति बनाने वालों का संगठन है जिसे ज़मीनी हकीकत का जरा भी अंदाजा नहीं है.

एक निजी टीवी चैनल से बातचीत करते हुए मोटेंक सिंह अहलूवालिया ने प्रत्युत्तर में कहा कि ‘आप केवल ऐसे लोगों के जरिये सरकार नहीं चला सकते जिन्हें पता है कि सड़के कैसे बनायी जा सकती है. इसके लिये आपको नियम भी बनाने पड़ते है.’ उन्होंने यह भी कहा कि माना कि हम कार्यान्वन निकाय नहीं है लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि मंत्रालयों को सलाह की ज़रूरत नहीं है. उनके अनुसार जब कोई काम सही ढंग से करना हो तो सलाह की जरूरत होती है.

कमलनाथ ने योजना आयोग पर यह आरोप भी लगाया था कि आयोग अपेक्षित सहयोग नही देता है जिसके कारण उनका मंत्नालय रोजाना बीस किलोमीटर सड़क बनाने के लक्ष्य को हासिल नही कर पा रहा है. इस आरोप को गलत बताते हुए अहलुवालिया ने अपने साक्षात्कार में कहा कि सरकार में अलग अलग विभागों की अलग भूमिका होती है और योजना आयोग का दायित्व योजनाओं को क्रियान्वित करने का नही है बल्कि उनके लिए सही सलाह देने का है.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   

 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in