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पावरग्रिड के सार्वजनिक निगम को केंद्र की मंजूरी

पावरग्रिड के सार्वजनिक निगम को केंद्र की मंजूरी

नई दिल्ली. 22 जुलाई 2010

केंद्र सरकार ने अक्तूबर माह तक सरकारी विद्युत पारेषण कंपनी पावरग्रिड में अपनी दस फीसदी हिस्सेदारी विनिवेश करने और अनुवर्ती सार्वजनिक निगम लाने का निर्णय लिया है. कैबिनेट की आर्थिक मामलों की कमेटी ने गुरुवार को पावरग्रिड द्वारा 20% अनुवर्ती सार्वजनिक निर्गम (एफपीओ) लाए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी. अब कंपनी में आम निवेशकों भागीदारी बढ़ाने और नई पूंजी जुटाने के लिए कंपनी की आधार पूंजी के 10% मूल्य के नए शेयर जारी किए जाएंगे और केंद्र सरकार अपनी 10% हिस्सेदारी को भी विनिवेश करेगी. सरकार का पावरग्रिड में 86.36 फीसदी हिस्सेदारी है.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समूह की बैठक के बाद सरकार ने कहा, "पावरग्रिड कार्पोरेशन के विस्तार के लिए जरूरी अतिरिक्त पूंजीगत संसाधन जुटाने के लिए सार्वजनिक निर्गम जारी किया जाएगा". सरकार के इस फैसले के बाद से ही पावरग्रिड के शेय़रों में डेढ़ फीसदी की उछाल देखी गई. कंपनी के शेयर गुरुवार को बंबई स्टॉक एक्सचेंज में 101.45 पर बंद हुए. मौजूदा बाजार भाव पर सरकार को इस सार्वजनिक निगम (एफपीओ) के जरिये 8,400 करोड़ रुपए जुटाने की उम्मीद है.