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तसलीमा नसरीन को छोड़ना पड़ सकता है भारत

तसलीमा नसरीन को छोड़ना पड़ सकता है भारत

नई दिल्ली. 23 जुलाई 2010


बांग्लादेश की विवादास्पद लेखिका तस्लीमा नसरीन को अगले महीने की 16 अगस्त को भारत छोड़ना पड़ सकता है. उनकी वीज़ा की अवधि 16 अगस्त को खत्म हो रही है. उन्हें नया वीज़ा जमा करने को कहा गया है.

तसलीमा नसरीन


तस्लीमा नसरीन भारत की नागरिकता चाहती थीं लेकिन सरकार ने इसकी अनुमति नहीं दी और उन्हें 2005 में विविध श्रेणी में वीजा जारी किया गया था. इस श्रेणी में अधिकतम 5 सालों तक ही वीज़ा को एक्सटेंशन दिया जा सकता है.

तस्लीमा नसरीन 1993 में अपनी पहली और सबसे विवादास्पद पुस्तक 'लज्जा' के कारण सुर्खियों में आईं थीं. इस किताब के प्रकाशन के बाद इस्लामी कट्टरवादियों ने उन पर ईश निंदा का आरोप लगाकर उनके ख़िलाफ़ मौत का फ़तवा जारी कर दिया था. उसके बाद से ही तस्लीमा विस्थापन की जिंदगी गुजार रही हैं.

उन्हें बाद में स्वीडन ने अपने देश की नागरिकता दी. पिछले कुछ सालों से वे भारत में स्थायी नागरिकता की कोशिश कर रही हैं लेकिन भारत सरकार उनके आवेदन पर विचार नहीं कर रही है. यहां तक कि उनके बंगाल में रहने पर भी बंगाल सरकार ने सुरक्षा और राज्य में अशांति का हवाला देते हुये उनके कोलकाता में रहने पर आपत्ति दर्ज की थी.

बंगाल में कट्टरपंथियों के विरोध-प्रदर्शन के बाद उन्हें दिल्ली में लगभग नजरबंद करके रखा गया था. इसके बाद वे मार्च 2008 में यूरोप चली गई थीं. अगस्त में उनकी भारत वापसी हुई और तब से वे भारत में थीं.


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