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नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में समग्र विकास ज़रूरी: मनमोहन

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में समग्र विकास ज़रूरी: मनमोहन

नई दिल्ली. 24 जुलाई 2010


प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शनिवार को कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में समग्र विकास की ज़रूरत है. श्री सिंह राजधानी दिल्ली में राष्ट्रीय विकास परिषद की 55वीं बैठक को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने स्वीकार किया कि सरकारी योजनाएं का लाभ लक्षित आदिवासियों को नहीं मिल पाया है. उन्होंने यह भी कहा कि “देश के सीमांत वर्गों खासकर वाम चरमपंथ से प्रभावित इलाकों में रह रहे लोगों की समस्याएं दूर करने के लिए विशेष ध्यान देने की जरूरत है.”

प्रधानमंत्री ने कहा, "इन पिछड़े और निर्धन खासकर आदिवासी जनसंख्या बहुल इलाकों में हमारी विकास योजनाएं ठीक तरह काम नहीं कर रही हैं”. श्री सिंह ने इस बात पर ज़ोर दिया कि हमें इन पिछड़े क्षेत्रों में विकास की कमी को पाटने के ठोस प्रयास की ज़रूरत है. प्रधानमंत्री ने बताया कि उन्होंने योजना आयोग को इन इलाकों की राज्य सरकारों और अन्य संबंधित पक्षों से सलाह-मशविरा कर समग्र विकास के कार्यक्रम बनाने को निर्देशित किया है.

श्री सिंह ने कहा कि जैसा कि “आदिवासी” शब्द से प्रतीत होता है, ये लोग इन क्षेत्रों के मूल निवासी हैं और इनके अधिकारों का पूर्ण संरक्षण होना चाहिए. इसके साथ ही उन्होंने विश्वास दिलाया कि नक्सल हिंसा से किसी भी कीमत पर निपटा जाएगा. उनके अनुसार ऐसा अच्छी तरह से तभी संभव है जब केंद्र और नक्सल-प्रभावित राज्यों की सरकारें इस दिशा में एकदूसरे को पूरी तरह सहयोग दें. इसके अलावा उनहोंने इन इलाकों के लिए अतिरिक्त संसाधन दिए जाने की भी आवश्यकता बताई.

दिसंबर तक आधी होगी महंगाई दर

देश में लगातार बढ़ रही महंगाई के बारे में बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसी उम्मीद है कि इस साल दिसंबर तक देश में महंगाई दर 6% तक हो जाएगी. उनके अनुसार अगर देश में सामान्य मानसून होता है जैसा कि उम्मीद जताई जा रही है, तो अक्टूबर माह से महंगाई दर घटना शुरु हो जाएगी एवं दिसंबर तक ये 12% की मौजूदा दर से आधी रह जाएगी.