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सोहराबुद्दीन मामले में डीसीपी बनेगा सरकारी गवाह

सोहराबुद्दीन मामले में डीसीपी बनेगा सरकारी गवाह

अहमदाबाद. 26 जुलाई 2010


सोहराबुद्दीन मामले में जेल में बंद गुजरात के पूर्व गृह राज्य मंत्री अमित शाह की परेशानी और बढ़ सकती है. खबरों पर यकीन किया जाये तो सोहराबुद्दीन मामले में ही पहले से गिरफ्तार गुजरात के पूर्व पुलिस अधिकारी डीसीपी एन के अमीन ने सरकारी गवाह बनने की बात कही है.

कहा जा रहा है कि अमीन के वकील जल्द ही सरकारी गवाह बनाने के लिए अर्जी दायर करेंगे.

ज्ञात रहे कि सोहराबुद्दीन मामले में डीसीपी अमीन शुरुआती जांचकर्ताओं में शामिल था. सोहराबुद्दीन हत्या मामले में अमीन के साथ-साथ आईपीएस अधिकारी डीजी बंजारा और आरके पांड्या को भी गिरफ्तार किया गया था. इस साल मई में डीसीपी अभय चुडस्मा को गरिफ्तार किया था. इसके अलावा 6 आईपीएस अफसरों से भी इस मामले में पूछताछ की गई थी. लेकिन अमीन को अमित शाह के बेहत करीबी लोगों में माना जाता रहा है.

अमीन पर आरोप है कि सोहराबुद्दीन को हिरासत में रखे जाने की उसे जानकारी थी और उसने बाद में सीबीआई को गुमराह करने की कोशिश भी की.

अमीन समेत दूसरे अभियुक्कों के खिलाफ सीबीआई द्वारा दायर आरोपपत्र में आईपीसी की धारा 120-बी (साजिश रचने), धारा 342 (बंधक बनाने), धारा 364 (अपहरण और हत्या के लिए अगवा करने), धारा 365 और 368 के तहत इल्जाम लगाया गया है. आरोपपत्र में धारा 384 (जबरन वसूली, धारा 302 (हत्या) और धारा 201 (महत्वपूर्ण सुबूतों को मिटाने) को भी शामिल किया गया है.

इस आरोप पत्र में एक पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी), दो पुलिस अधीक्षक (एसपी), दो पुलिस उप अधीक्षक (डीएसपी), तीन निरीक्षक (इंस्पेक्टर), तीन उप निरीक्षक (सब इंस्पेक्टर), गुजरात अपराध शाखा के डीसीपी और एडीसी बैंक के दो शीर्ष अधिकारियों के नाम शामिल है. सीबीआई ने अतिरिक्त मुख्य न्यायाधीश की अदालत में सोहराबुद्दीन के फर्जी मुठभेड़ में मारे जाने और उनकी पत्नी कौसर बी की नृशंस हत्या के आरोप में इन 15 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है.


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