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वरुण गांधी को दिल्ली उच्च न्यायालय का नोटिस

वरुण गांधी को दिल्ली उच्च न्यायालय का नोटिस

नई दिल्ली. 28 जुलाई 2010


दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को भाजपा सांसद वरुण गांधी को नोटिस जारी कर उनसे 30 जुलाई तक उसका जवाब मांगा है. वरुण गांधी के खिलाफ गत लोकसभा चुनावों में पीलीभीत से कांग्रेस के उम्मीदवार रहे वीएम सिंह ने दिल्ली हाईकोर्ट याचिका दायर की थी. उन्होंने इस याचिका में वरुण पर चुनाव प्रचार के दौरान अपने खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां करने का आरोप लगाया था.

वीएम सिंह ने अपनी याचिका में कहा है कि वरुण ने चुनाव प्रचार के दौरान उनका संबंध पाकिस्तानी खूफिया एंजेसी आईएसआई से होने और उन पर पृथक खलिस्तान के लिए काम करने का लांछन लगाया था. सिंह ने वरुण पर चुनाव प्रचार के दौरान किसानों और मुसलमानों का अपमान करने का आरोप भी लगाया है. गौरतलब है कि वरुण गांधी पिछले लोकसभा चुनावों के दौरान इस कथित भड़काऊ भाषण देने पर वरुण विवादों में घिर गए थे और उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के अंतर्गत गिरफ्तार भी कर लिया गया था.

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Sainny Ashesh (sainny.ashesh@gmail.com) Western Himalayas

 
 प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि वरुण गाँधी ने अपने विरोधियों के हाथ-पैर काट डालने जैसी बातें कही थीं. यह कैसी विडम्बना है कि उनकी माँ मेनका गाँधी छोटे से छोटे जीव को पीड़ा पहुंचाने के खिलाफ हैं और वरुण हिंसक ऐलान करके भाजपा के नायक बन जाने को बेताब! वरुण की ऐसी घोषणा से कुछ ही महीने पहले मेनका जी ने एक पत्रिका के अपने स्तम्भ में लिखा था कि वे बच्चों को गाय या किसी भी जानवर का दूध पिलाना जानवरों के प्रति हिंसा समझती हैं और उन्होंने अपने बेटे को सिर्फ अपना दूध पिलाया है. मैं मेनका जी या वरुण से यह पूछ कर उन्हें शर्मिंदा नहीं करना चाहता कि फिर यह हिंसा कहाँ से आई और वरुण बात-बात पर हिंसक हो जाने वाले लोगों की बोली क्यों बोलते हैं. आशा है, वरुण माँ के दूध की लाज रखेंगे और इस अभागे देश की शांतिप्रिय तहजीब की भी. क्यों नहीं वे अपनी माँ के अहिंसक अभियान की बागडोर संभाल लेते? 
   

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