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कॉमनवेल्‍थ भ्रष्टाचार में नई जांच नहीं-गिल

कॉमनवेल्‍थ भ्रष्टाचार में नई जांच नहीं-गिल

नई दिल्ली. 5 अगस्त 2010


खेल मंत्री एम एस गिल ने आज साफ कर दिया कि कॉमनवेल्‍थ खेलों से जुड़ी वित्‍तीय गड़बड़ियों के आरोपों की किसी स्‍वत्रंत एजेंसी से जांच नहीं कराई जाएगी. हालांकि उन्‍होंने कहा कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ सरकार कार्रवाई करेगी.

कॉमनवेल्‍थ खेलों से जुड़े कथित घोटाले की जांच स्‍वतंत्र एजेंसी से कराए जाने की विपक्ष की मांग को सिरे से खारिज करते हुए संसद में गिल ने कहा कि हाल में इस मामले में गठित समिति इसकी जांच के लिए काफी है और इसके लिए नए सिरे से जांच की जरूरत नहीं. उन्‍होंने कहा कि नई एजेंसी से मामले की जांच कराने का कोई फायदा नहीं है लेकिन जांच के दौरान दोषी पाए गए अधिकारियों को बख्‍शा नहीं जाएगा.

भाजपा ने कॉमनवेल्‍थ खेलों में कथित घोटाले के मामले में राज्‍यसभा में केंद्रीय खेल मंत्री को घेरने की कोशिश की और इस मामले में उनका जवाब मांगा. भाजपा की ओर से प्रकाश जावड़ेकर ने सदन में यह मुद्दा उठाते हुए सरकार पर आरोप लगाया कि वह राष्‍ट्रमंडल खेलों से जुड़े घोटाले पर पर्दा डालने की कोशिश कर रही है.
कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए अब तक 30 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए जा चुके हैं और सभी एजेंसियों ने बजट से कहीं ज्यादा खर्च किया है.

ताज़ा मामला स्वास्थ्य विभाग का है. दिल्ली स्वास्थ्य विभाग ने मार्च में 34 टेंडर- स्ट्रेचर, व्हीलचेयर और अल्ट्रासाउंड मशीनों जैसी चीजों के लिए मंगवाए, जो कॉमनवेल्थ गेम्स में आने वाले 10 हजार खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए अलग-अलग जगह लगवाई जाने वाली थीं.

कई कंपनियों ने अर्जियां दीं, लेकिन ज्यादातर को तकनीकी कारणों से खारिज कर दिया गया. जब कई बड़ी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने पर इस पर ऐतराज किया, तो टेंडर रद्द करके मई में नए टेंडर निकाले गए. लेकिन एक बार फिर तकनीकी वजहों से खारिज कर दिया गया.

ट्रॉली बेड- नीलामी मूल्य 2 लाख 74 हजार 999 रुपये. बाजार में दाम 1.60 लाख रुपये. सरकार को घाटा 1 लाख 14 हजार 999 रुपये. 124 ट्रॉली बेड पर कुल घाटा 1 करोड़ 42 लाख 59 हजार 876 रुपये.

शिफ्टिंग ट्रॉली - नीलामी मूल्य 72,000 रुपये. बाजार में दाम 40,000 रुपये. सरकार को घाटा 32,000 रुपये. कुल घाटा 36 शिफ्टिंग ट्रॉली के लिए 1 करोड़ 17 लाख 12 हजार रुपये.

अल्ट्रासाउंड थेरेपी (13एमजेडएच) - नीलामी मूल्य 3 लाख 49 हजार 999 रुपये. बाजार में दाम 77 हजार रुपये. सरकार को घाटा 2 लाख 72 हजार 999 रुपये. कुल घाटा 41 x 272999= 1 करोड़ 11 लाख 92 हजार 959 रुपये.

शॉर्टवेव डायथर्मी - नीलामी मूल्य 4.94 लाख रुपये. बाजार में दाम 77,000 रुपये. सरकार को घाटा 3.40 रुपये. कुल घाटा = 20x340000= 68 लाख रुपये.

एईडी - नीलामी मूल्य 4 लाख 95 हजार 1 रुपये. बाजार में दाम 1.50 लाख रुपये. सरकार को घाटा 3 लाख 45 हजार रुपये. कुल घाटा 166 एईडी x 3 लाख 45 हज़ार = 5 करोड़ 72 लाख 70 हजार रुपये.