पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
 पहला पन्ना > मुद्दा > नेपाल Print | Send to Friend | Share This 

नेपाल में हस्तक्षेप से नाराज हैं माओवादी

नेपाल में हस्तक्षेप से नाराज हैं माओवादी

काठमांडू. 7 अगस्त 2010


भारतीय दूतावास के एक अधिकारी पर फोन द्वारा कथित रुप से नेपाल के सांसद राम कुमार शर्मा को धमकाये जाने पर माओवादियों ने कड़ी आपत्ति दर्ज की है. नेपाली माओवादियों ने कहा है कि भारत नेपाल के मामले में हस्तक्षेप से बाज आये.

ज्ञात रहे कि सांसद राम कुमार शर्मा ने आरोप लगाया है कि भारतीय दूतावास के एक अधिकारी ने उन्हें धमकी दी और चेताया कि वह माओवादियों का समर्थन न करें. मधेसी लोकतांत्रिक पार्टी में होने के बाद भी प्रधानमंत्री पद के लिए हुए चौथे दौर के मतदान में माओवादी प्रत्याशी पुष्पकमल दहल उर्फ प्रचंड का समर्थन कर रहे थे.

राम कुमार शर्मा के मुताबिक उन्हें मोबाइल फोन पर भारतीय दूतावास के एक अधिकारी दास ने धमकी दी कि अगर उन्होंने अपना रवैया नहीं बदला तो उन्हें उठा लिया जाएगा. शर्मा के मुताबिक उन्हें भारतीय राजदूत का भी फोन आया. शर्मा के मुताबिक फोन करने वाले ने पीएम पद के लिए हुए मतदान के दौरान फ्लोर क्रॉसिंग के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया.

शर्मा के आरोपों ने नेपाली मीडिया में तूफान खड़ा कर दिया है. माओवादी इस नेपाल के आंतरिक मामलों में भारत के दखल का उदाहरण बता रहे हैं. मगर, दूतावास ने इन खबरों को ज्यादा तवज्जो नहीं दी. दूतावास की प्रवक्ता ने कहा कि वह इस मामले को कॉमेंट करने लायक नहीं मानतीं.

उधर यूसीपीएन-माओवादी के उपाध्यक्ष नारायणकाजी श्रेष्ठ प्रकाश ने कहा कि हम अपने आंतरिक मामलों में किसी अन्य देश का हस्तक्षेप नहीं चाहते. हालांकि उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी भारतीय दूत श्याम सरन के काठमांडो आगमन को नेपाल के मामलों में हस्तक्षेप के तौर पर नहीं देखती है. उन्होंने कहा कि हमने पड़ोसी देश के विशेष दूत की हाल की नेपाल यात्रा को नकारात्मक रूप में नहीं लिया है.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   

 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in