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जरदारी को जूता मारने पर बवाल

जरदारी को जूता मारने पर बवाल

इस्लामाबाद. 8 अगस्त 2010


पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को ब्रिटेन दौरे के समय जूता मारने की घटना को लेकर पाकिस्तान में बहस शुरु हो गई है. देश में अधिकांश लोग इस बात से नाराज हैं कि ब्रिटेन की सरकार ने राष्ट्रपति की सुरक्षा में कमी रखी, जिसके कारण यह घठना हुई. हालांकि एक बहुत बड़ा वर्ग ऐसा भी है, जो इस घटना को सही ठहरा रहा है.

ज्ञात रहे कि पाकिस्तान में बाढ़ और कैमरन की पाक विरोधी टिप्पणी के बाद भी जरदारी के ब्रिटेन दौरे से नाराज 60 वर्षीय शमीम खान नामक व्यक्ति ने जरदारी पर जूता फेंका. बाद में पुलिस ने उस शख्स को हिरासत में ले लिया.राष्ट्रपति पाकिस्तानी पीपल्स पार्टी के एक अधिवेशन को संबोधित कर रहे थे.

दैनिक जंग और जियो न्यूज को शमीम खान ने बताया कि उसने जरदारी की कैमरन के साथ मुलाकात के खिलाफ जूता फेंका. न्यूज की खबर के अनुसार ब्रिटिश सुरक्षा बल नारे लगा रहे खान को बाहर ले गए. पाकिस्तान के सूचना मंत्री कमर जमान कैरा के अनुसार यह पता लगाने के लिए जांच की जाएगी कि इस व्यक्ति को सभा में क्यों बुलाया गया था, जिसके लिए लंदन में पाकिस्तान उच्चायोग ने चुनिंदा लोगों को निमंत्रण पत्र जारी किए थे.

आम लोगों में इस बात को लेकर गहरी प्रतिक्रिया है कि जरदारी देश में बाढ़ की हालत से निपटने में असफल रहे हैं. इसके अलावा कैमरन ने जिस तरीके से पाकिस्तान के खिलाफ जहर उगला है, ऐसे में उनका ब्रिटेन जाने का निर्णय सही नहीं था. ऐसा मानने वाले लोग शमीम खान के कदम को सही मान रहे हैं. वहीं बड़ी संख्या में लोग इस बात से नाराज हैं कि ब्रिटेन सरकार ने राष्टट्रपति की सुरक्षा के इंतजाम नहीं किये थे, इस लिए ऐसी घटना हुई.


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