पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
 पहला पन्ना > मुद्दा > दिल्ली Print | Send to Friend | Share This 

जाति आधारित होगी जनगणना

जाति आधारित होगी जनगणना

नई दिल्ली. 12 अगस्त 2010


मंत्रिमंडल ने जाति आधारित जनगणना को मंजूरी दे दी है. वित्तमंत्री प्रणव मुखर्जी के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल के समूह ने एक बैठक के बाद इसकी जानकारी दी. इस समूह में इस समिति में मुखर्जी के अलावा रक्षा मंत्री ए. के. एंटनी, गृह मंत्री पी. चिदम्बरम, मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल, रेल मंत्री ममता बनर्जी, सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्री मुकुल वासनिक, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री फारूक अब्दुल्ला और वाणिज्य व उद्योग मंत्री आनंद शर्मा को शामिल थे.

अनुमान है कि इस साल के अंत में बायोमिट्रिक जनगणना के साथ ही जाति आधारित जनगणना भी होगी. जिसमें 15 साल की उम्र तक के सभी लोगों के पूरे परिचय के अलावा उनकी उंगलियों के निशान भी लिये जायेंगे.

ज्ञात रहे कि भाजपा समेत अधिकांश दलों ने जाति आधारित जनगणना किए जाने का समर्थन किया था. समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय जनता दल भी जाति आधारित जनगणना की मांग कर रहे थे. इन पार्टियों का तर्क था कि जाति आधारित जनगणना से कल्याणकारी कदम उठाने में सरकार को मदद मिलेगी.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   

 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in