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पीपली लाइव पर प्रतिबंध की मांग

पीपली लाइव पर प्रतिबंध की मांग

नागपुर. 14 अगस्त 2010


विदर्भ के एक गैर-सरकारी संगठन विदर्भ जनांदोलन समिति ने फिल्म “पीपली लाइव” के खिलाफ आपत्ति जताते हुए महाराष्ट्र सरकार द्वारा उसे जल्द से जल्द प्रतिबंधित करने की मांग की है. विदर्भ के किसानों के हक के लिए लड़ने वाले इस संगठन ने कहा है कि इस फिल्म में किसानों द्वारा आत्महत्या किए जाने को गलत तरीके से दिखाया है और ये चित्रण सच्चाई से कोसों दूर है.

विदर्भ जनांदोलन समिति के अध्यक्ष किशोर तिवारी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण को इस आशय में एक पत्र लिखकर कहा कि “टीवी सीरियल बैरी पिया में दिखाया है कि विदर्भ के किसान कर्ज पूरा ना कर पाने की स्थिति में अपनी बेटियां बेच रहे हैं जबकि पीपली लाइव सच्चाई से कोसों दूर है और विदर्भ के गरीब उन किसानों का अपमान करती है जो सरकार की खराब नीतियों और भूमंडलीकरण का शिकार हैं”

समिति का यह भी कहना है कि इस फिल्म के मुख्य किरदार नत्था को मुआवजा के लालच में आत्महत्या का रास्ता चुनते हुए दिखाया है जो कि बिल्कुल ही गलत है. संगठन ने यह भी कहा है कि इस फिल्म से आत्महत्या करने वाले किसानों की विधवाओं द्वारा मुआवजा मांगने पर सवालिया निशान लग सकता है. समिति ने यह भी कहा है कि सरकार अगर इस फिल्म पर प्रतिबंध नहीं लगाती है तो किसानों का संगठन फिल्म के खिलाफ सेंसर बोर्ड और हाईकोर्ट जायेगा.

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Farhan Ajmer rajasthan

 
 समिति की ये मांग पब्लिसिटी पाने का एक माध्यम मात्र है. 
   

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