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ईरान पर हमले की अमरीकी तैयारी ?

ईरान पर हमले की अमरीकी तैयारी ?

वाशिंगटन. 19 अगस्त 2010


अमरीका ने दावा किया है कि इराक में सैन्य अभियान के लिये गये उसके सैनिक इराक से लौट आये हैं. हालांकि कथित नागरिक सहयोग के लिये 50 हजार से अधिक सैनिक वहां जमे रहेंगें. आशंका व्यक्त की जा रही है कि सैनिकों की यह वापसी ईरान पर हमले के लिये हुई है.

लगभग साढ़े सात साल तक इराक में कथित शांति के नाम पर कब्जा जमाये अमरीकी सेना की वापसी को विश्व राजनीति में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. ज्ञात रहे कि अमरीका ने 31 अगस्त तक अपने सैनिकों की वापसी का समय निर्धारित किया था. लेकिन यह वापसी की यह कार्रवाई तय समय सीमा से पहले ही हो रही है.

हालांकि अमरीका ने पूरी तरह से इराकी जमीन खाली नहीं की है. कहा जा रहा है कि इराक़ी सुरक्षाबलों को प्रशिक्षण देने, विद्रोहियों के ख़िलाफ़ अभियान चलाने और अमरीकी हितों की रक्षा के लिए 2011 के अंत तक करीब 50 हज़ार अमरीकी सैनिक इराक़ में बने रहेंगे. दावा यह है कि ये सैनिक केवल अपनी रक्षा के लिये या इराक सरकार के अनुरोध पर ही कार्रवाई करेंगे.

ज्ञात रहे कि इसी महीने अमरीकी एडमिरल माइक मुलेन ने कहा था कि इस्मालिक देशों को न्यूक्लियर हथियारों से दूर रखने के लिए ईरान पर हमले की योजना है. उन्होंने कहा थी कि ईरान पर हमले की योजना को फिलहाल अमल में लाने पर कोई फैसला नहीं लिया गया है और मुझे उम्मीद है कि इस पर कोई फैसला नहीं लिया जाएगा लेकिन ईरान के मामले में हमले की योजना महत्वपूर्ण विकल्प जरूर है. मुलेन ने उम्मीद जताई थी कि न्यूक्लियर हथियारों को लेकर ईरान में चल रहे कार्यक्रम अंतररष्ट्रीय दबाव और विभिन्न पाबंदियों के चलते रुक जाएंगे. यदि ऐसा नही हुआ तो अमरीका के पास वैकल्पिक योजना तैयार है जिस पर राष्ट्रपति बराक ओबामा को फैसला लेना है.

अनुमान लगाया जा रहा है कि इराके से सैनिकों की वापसी के बाद अमरीका ईरान पर हमला बोल सकता है.

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Sainny Ashesh (sainny.ashesh@gmail.com) Western Himalayas

 
 हजारों ख्वाहिशें ऐसी कि हर ख्वाहिश पे दम निकले
बहुत निकले मेरे अरमान, लेकिन फिर भी कम निकले

निकलना खुल्द से आदम का सुनते आये हैं लेकिन
इधर इराक से निकले भी तो तुम ईरान को निकले
-चाचा गालिब से बगैर राम-सलाम
 
   

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