भारत बनाएगा विश्व की सबसे बड़ी सौर दूरबीन
भारत बनाएगा विश्व की सबसे बड़ी सौर दूरबीन
बेंगलुरु. 3 सितंबर 2010
भारत सूर्य की सूक्ष्म संरचना का अध्ययन करने के लिए लद्दाख की तलहटी में
दुनिया की सबसी बड़ी सौर दूरबीन बनाने जा रहा है. लगभग दो मीटर लंबी ये दूरबीन 150
करोड़ रुपए की लागत से तैयार होगी. बेंगलुरु स्थित [आईआईए] ने 'नेशनल लार्ज सोलर
टेलिस्कोप' [एनएलएसटी] परियोजना को चालू करने के लिए इस सौर दूरबीन का डिजाइन तैयार
करने और उसके निर्माण के लिए निविदा जारी की है.
आईआईए के निदेशक सिराज हसन ने इस संबंध में बताया कि "सौर दूरबीन से सूर्य की
सूक्ष्म संरचना के अध्ययन और प्रकृति के गूढ़ तथ्यों को समझने में मदद मिलेगी.
उन्होंने यह भी बताया कि इस दूरबीन को लगाने के लिए लद्दाख की पेंगांग झील के पास
एक जगह चुन ली गई है और इस प्रोजेक्ट को शुरु करने से पहले तकनीकी मुद्दों पर
अक्टूबर में बातचीत होगी.
इस अनूठी परियोजना में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन [इसरो], आर्यभंट्ट रिसर्च
इंस्टीट्यूट ऑफ ऑब्जर्वेशनल साइंस, टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च एंड इंटर
यूनिवर्सिटी सेंटर सरीखे वैज्ञानिक संस्थान शामिल हैं. अभी विश्व की सबसे बड़ी सौर
दूरबीन अमरीका के एरिज़ोना प्रांत में स्थित मैक-मैथ पियर्स सोलर टैलीस्कोप है
जिसकी लंबाई 1.6 मीटर है.