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सुप्रीम कोर्ट नीति निर्धारण न करे : मनमोहन सिंह

सुप्रीम कोर्ट नीति निर्धारण न करे : मनमोहन सिंह

नई दिल्ली. 6 सितंबर 2010

 

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उच्चतम न्यायालय को चेताया है कि वो केंद्र सरकार की नीतियों में दखलअंदाजी ना करे और नीति बनाने का काम सरकार पर ही छोड़ दे. श्री सिंह ने ये बात देशभर के वरिष्ठ संपादकों के साथ अपने सरकारी निवास में हुई बैठक में कही. गौरतलब है कि इससे पहले उच्चतम न्यायालय ने सरकार को आदेश कि जब अनाज गोदामों में पड़ा हुआ सड़ रहा है तो उसे गरीबों में मुफ्त बांट देना चाहिए.

प्रधानमंत्री ने कहा कि तेंदुलकर रिपोर्ट के अनुसार देश में देश में गरीबों की संख्या 37 प्रतिशत है, ऐसे में सबको मुफ्त अनाज देना संभव नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि वे इस निर्देश के पीछे की भावनाओं की कद्र करते हैं और वे जल्द ही अनाज को सड़ने और लोगों की जरूरते पूरी करने का कारगार तरीका ढूंढ लिया जाएगा. खाद्य प्रबंधन पर सरकारी नीतियों के बारे में उन्होंने कहा कि सरकार ने गरीबों को उचित मूल्य पर अनाज उपलब्ध कराने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए हैं.

नक्सलवाद के मुद्दे पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद एक पेचीदा मुद्दा है और सरकार कानून व्यवस्था और विकास के द्वारा इससे निपटेगी. इसके साथ ही उन्होंने ये भी संकेत दिए कि सात नवंबर से शुरू होने वाले संसद सत्र से पहले वो अपने मंत्रिमंडल में फेरबदल करेंगे.

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इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

sunil kumar bansingh (sunilbansingh@yahoo.com) ghatsila

 
 क्यों मन्नू भाई इतना भड़क क्यों रहे हो. आप क्या चाहते हो अनाज सड़ता रहे. खाप पंचायत देश को तालिबान बनाते रहे और आप नीरो की तरह चैन की वंशी बजाते रहें. 
   

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