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डाउ केमिकल्स ने पुणे से मांगी विदाई

डाउ केमिकल्स ने पुणे से मांगी विदाई

पुणे. 9 सितंबर 2010


भोपाल गैस कांड की मुख्य अभियुक्त यूनियन कार्बाइड कार्पोरेशन की पितृ कंपनी डाउ केमिकल्स को पुणे के नज़दीक देहू में शिंडे-वासुली गांव से हटना पड़ा है. महाराष्ट्र उद्योग विकास संघ (एमआईडीसी) ने मुंबई उच्च न्यायालय में हलफनामा दाखिल किया है जिसके साथ डाउ केमिकल का वह पत्र शामिल है जिसमें उसने शिंडे-वासुली गांव में स्थित अपनी 100 एकड़ जमीन का परित्याग करने की अनुमति मांगी है.


दरअसल डाउ केमिकल को इस इलाके के किसानों के क्रोध का कोपभाजन बनना पड़ा है. पुणे के पास स्थित शिंडे-वासुली गांव में किसान पिछले कई सालों से विलास सोनावने और जस्टिस बीजे कोसले-पाटिल के नेतृत्व में किसान आंदोलन चला रहा थे. डाउ केमिकल ने इस इलाके में सारे नियम कानूनों को ताक पर रखकर कृषि योग्य भूमि पर कब्जा जमा रखा. कंपनी द्वारा इस पर अनुसंधान केंद्र बनाया जाना प्रस्तावित था.


लेकिन कृषि योग्य भूमि का अनुसंधान केंद्र हेतु इस्तेमाल औऱ उसके हानिकारक रसायनों द्वारा आसपास के जलस्त्रोंतों को होने वाले संभावित नुकसान को लेकर किसानों में भारी आक्रोश था. लगातार शांति पूर्ण प्रदर्शन के बाद भी जबह किसानों की जमीन खाली की नहीं गई तो उन्होंने भामचंद्रगढ़ वरकरी शेतकरी संघर्ष समिति के तत्वाधान में 16 जनवरी 2008 को प्रस्तावित स्थल पर निर्माण कार्य बंद करवा दिया था. जिसके बाद 24 जुलाई 2008 में पुलिस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे गांववालों पर लाठीचार्ज कर आंदोलन को बंद करवाने की कोशश की थी.


पुलिस द्वारा लाठीचार्ज करने के बाद गांववालों ने अगले दिन उग्र प्रदर्शन करते हुए निर्माण स्थल को नुकसान पहुँचाया और अपना विरोध दर्ज किया. किसानों और अन्य गांववालों के लगातार विरोध के बाद डाउ केमिकल्स को इस स्थान से अपना बोरिया-बिस्तर समेटने पर मजबूर होना पड़ा है.

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MichaelG (michaelgons@yahoo.co.in) Vasai

 
 I am happy that finally DOW ia out! Congrats and Justice Kolse-Patil and his andolaks. Michael G. 
   

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