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खाद्य तेल राशन दुकानों से

खाद्य तेल अब राशन दुकानों से

 

नई दिल्ली. 30 जून 2008

जुलाई से 15 राज्यों में राशन की दुकानों के जरिए रियायती दरों पर खाद्य तेल उपलब्ध कराये जाएंगे. सरकार ने एक योजना के तहत 2008-09 में 10 लाख टन आयातित खाद्य तेलों का वितरण कार्यक्रम शुरू किया है और राज्य सरकारों के माध्यम से 15 रूपये प्रति किलोग्राम रियायत पर प्रति माह 1 किलोग्राम की दर से दिया जाएगा. सार्वजनिक क्षेत्र के प्रतिष्ठानों - पी.ई.सी., एम.एम.टी.सी., एस.टी.सी. और नाफेड को अधिकार दिया गया है कि वे रियायती दरों पर खाद्य तेलों का आयात और रिफाइन करने तथा डिब्बाबंदी और वितरण का कार्य करें. इसके लिए 1500 करोड़ रूपये की रियायत दी जाएगी.

सार्वजनिक सेवा की इकाइयों को इस उद्देश्य के लिए 1.79 लाख टन खाद्य तेलों का आयात करने का अनुबंध पहले ही दिया जा चुका है. इसमें से एक लाख टन खाद्य तेल भारतीय बंदरगाहों के लिए जहाज से रवाना कर दिया गया है. इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए 15 राज्यों ने इच्छा व्यक्त की है, ये राज्य हैं - आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, जम्मू एवं कश्मीर, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मेघालय, नगालैंड, उड़ीसा, राजस्थान, सिक्किम, तमिलनाडु, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल. इन राज्यों को खाद्य एवं वितरण विभाग द्वारा तेल का आबंटन किया गया है. सार्वजनिक वितरण इकाइयों ने इन राज्यों को डिब्बाबंद खाद्य तेल देने शुरू कर दिए हैं. आशा है कि राशन कार्ड धारकों को अगले महीने तक नियमित रूप से वितरण शुरू कर दिया जाएगा.

घरेलू स्रोतों से देश में जो खाद्य तेल उपलब्ध कराया जाता है, वह मांग से कम पड़ता है और उस घाटे को आयात से ही पूरा किया जाता है. पिछले तीन वर्षों के दौरान देश में खाद्य तेलों की कुल खपत के 34 प्रतिशत से 39 प्रतिशत के लिए खाद्य तेलों के आयात पर निर्भर रहना पड़ा है.


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