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बातचीत ही शांति बहाली का एकमात्र रास्ता: मनमोहन

बातचीत ही शांति बहाली का एकमात्र रास्ता: मनमोहन

नई दिल्ली. 15 सितंबर 2010


प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि कश्मीर में शांति बहाली के लिए बातचीत ही एकमात्र रास्ता है. श्री सिंह कश्मीर के अस्थिर हालात पर चर्चा करने के लिए बुलाई गई सर्वदलीय़ बैठक को संबोधित कर रहे थे. सुबह साढ़े ग्यारह बजे के करीब प्रधानमंत्री निवास पर हो रही इस महत्वपूर्ण बैठक में भाजपा नेता लाल कृष्ण आडवाणी, सुषमा स्वराज, भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी, पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती, नेशनल कॉन्फ्रेस के नेता फारूख अब्दुल्ला और सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव, सीपीआई (एम) जनरल सेक्रेटरी प्रकाश कारत समेत कई दिग्गज पहुंचे थे.

इस सर्वदलीय बैठक का मुख्य मुद्दा कश्मीर में पिछले तीन महीने से चल रहे हिंसक हालात पर काबू पाना था. उसके अलावा सशस्त्र बल विशेष अधिकार कानून को राज्य से हटाए जाने पर भी विचार हुआ. साथ ही कश्मीर की मौजूदा स्थिति से निपटने के लिए क्या कदम उठाए जाएं, राज्य में वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए क्या किया जाए, आदि मुद्दों पर विचार विमर्श हुआ.

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा “सकारात्मक बातचीत हिंसा और आतंकमुक्त वातावरण में ही संभव है. विचार विमर्श तभी हो सकता है जब शांति का महौल बना रहे. केंद्र सरकार जम्मू कश्मीर की जनता से लगातार अपील कर रही है कि हिंसा का रास्ता न अपनाएं. हम हर उस समूह और व्यक्ति से बात करने को तैयार हैं जो हिंसा ना अपना रहा हो और न ही उसे बढ़ावा देता हो”. श्री सिंह ने यह भी कहा कि वे छोटे बच्चों को हिंसक प्रदर्शन करते देख बहुत दुखी हैं और हालांकि कुछ प्रदर्शन स्वस्फूर्त हो सकते हैं लेकिन ऐसा प्रतीत होता है ज्यादातर के पीछे कोई गुट है.




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