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कलमाड़ी ने ली गड़बड़ी की जिम्मेवारी

कलमाड़ी ने ली गड़बड़ी की जिम्मेवारी

नई दिल्ली. 25 सितंबर 2010


कॉमनवेल्थ गेम्स की गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार के बीच ऑर्गनाइजिंग कमिटी के चेयरमैन सुरेश कलमाड़ी ने 3 अक्टूबर से शुरू होने वाले गेम्स की तैयारियों में हुई गड़बड़ियों और देरी की जिम्मेदारी अपने सिर ली है. उन्होंने कहा कि अगर गेम्स स्थल हमें पहले से मिल गये होते तो ऐसी स्थितियों से बचा जा सकता था.

उन्होंने कहा, "आयोजन समिति केवल एक हिस्सा है. खेल स्थलों का निर्माण हमारा काम नहीं था. देरी के लिए दूसरी एजेंसियाँ ज़िम्मेदार है."

हालांकि जब पत्रकारों ने उन्हें घेरा तो कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन के चेयरमैन माइक फेनेल के साथ मीडिया से बातचीत में कलमाड़ी ने कहा, 'कॉमनवेल्थ ऑर्गनाइजिंग कमिटी के चेयरमैन होने के नाते मैं इसकी तैयारियों में हुई गड़बड़ियों और देरी की जिम्मेदारी अपने सिर लेता हूं.' हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि गेम्स स्थल हमें पहले ही मिल जाना चाहिए था.

उन्होंने कहा कि "मैं ये मानता हूँ कि कुछ दिक्कते हुई हैं. दिक्कतें तो दूसरे खेलों में भी होती हैं. मेनचेस्टर में हमें यूनिवर्सिटी में रहना पड़ा था. हमने तो खेल गाँव तैयार करके दिया है. लेकिन मैं कह सकता हूँ कि मेलबर्न जैसे खेल करके दिखाएँगे.आलोचकों का जवाब मैं खेलों के बाद दूँगा"

यहां पर कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन के चेयरमैन माइक फेनेल ने कहा कि गेम्स के लिए अभी जितने बड़े पैमाने पर काम हो रहा है, उसे पहले ही कर लिया जाना चाहिए था। हालांकि उन्होंने गेम्स विलेज को ओके कर दिया है.

उन्होंने यह भी कहा कि अब भी बहुत सारे काम करने के लिए बाकी हैं. फेनेल ने कहा है कि इसकी जिम्मेदारी हम सभी को लेनी चाहिए. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ गेम्स की समस्या नहीं है, बल्कि कई ऐसी चीजें थीं जिनसे बचा जा सकता था.

फ़ेनेल से जब पूछा गया कि क्या भारत की साख पर असर पड़ा है तो उनका कहना था, "इस बात में कोई शक़ नहीं है कि बतौर मेज़बान भारत की छवि को नुकसान पहुँचा है. लोग सवाल पूछ रहे हैं कि क्या भारत को खेल मिलने चाहिए थे या नहीं."

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ajay

 
 अब इस देश का क्या होगा, जब जिम्मेवार ही गैरजिम्मेदाराना जवाब देंगे. 
   

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