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निठारी कांड: सुरेंद्र कोली को मृत्युदंड

निठारी कांड: सुरेंद्र कोली को मृत्युदंड

नई दिल्ली. 28 सितंबर 2010


नोएडा के चर्चित निठारी कांड मामले में सुनवाई करते हुए मंगलवार को सीबीआई की विशेष अदालत ने आरोपी सुरेंद्र कोली को फांसी की सज़ा सुनाई. कोली को आठ वर्षीय रचना लाल की हत्या का आरोपी माना गया जो कि एक मज़दूर पप्पू लाल की बेटी थी. फांसी की सज़ा के अलावा उसे रचना के अपहरण, बलात्कार और साक्ष्य छुपाने के जुर्म में सात-सात वर्ष कारावास की सज़ा भी सुनाई गई. ये सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी. कोली पर तीन हज़ार रुपए का आर्थिक दंड भी लगाया गयआ है.

गौरतलब है कि कोली को तीसरी बार मौत की सज़ा हुई है. इससे पहले उसे रिम्पा हलदार और आरती हत्या मामले में सजा-ए-मौत हो चुकी है. यह फैसला सीबीआई के विशेष न्यायाधीश डॉ. ए.के.सिंह ने दिया. इससे पहले उन्होंने सोमवार को कोली को आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 364 (हत्या के लिए अपहरण), 201 (सबूत मिटाने) और धारा 376 (रेप) के तहत दोषी ठहराया था.

गौरतलब है कि नोएडा में हुए इस कुख्यात निठारी कांड में बलात्कार, अपहरण और हत्या के कई मामलों को लेकर पूरा देश में खलबली मच गई थी. वर्ष 2006 में नोएडा के सेक्टर 37 स्थित एम. एस. पंढेर की कोठी से पुलिस ने दर्जन से अधिक नर कंकाल बरामद किए थे. इसके बाद सीबीआई ने 13 जून 2007 को पंढेर के नौकर कोली के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया था. निठारीकांड में दर्ज 19 मामलों में से अभी तेरह में फैसला आना बाकी है.


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