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पाक ने की कश्मीर में जनमत संग्रह की मांग

पाक ने की कश्मीर में जनमत संग्रह की मांग

नई दिल्ली. 29 सितंबर 2010


पाकिस्तान ने कहा है कि कश्मीर समस्या को सुलझाने के लिये वहां जनमत संग्रह कराना जरुरी है. जनमत संग्रह के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है, जो इस बरसों पुरानी समस्या को सुलझा सके. इसके अलावा पाकिस्तान ने कश्मीर में पिछले कुछ माह से चल रही हिंसा की भी निंदा की है.

संयुक्त राष्ट्र महासभा के वार्षिक अधिवेशन में पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने अपने भाषण में कहा कि कश्मीर की समस्या पिछले कुछ बरसों में लगातार गहराती चली गई है. यह विवाद कश्मीरी लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार के बारे में है, जो संयुक्त राष्ट्र की देखरेख में निष्पक्ष जनमत संग्रह के ज़रिए उन्हें दिया जाना चाहिए.

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान भारत के कब्ज़े वाले कश्मीर में पिछले दो महीनों में सुरक्षा बलों के हाथों 100 से ज़्यादा कश्मीरियों के मारे जाने की भरपूर निंदा करता है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील भी करता है कि भारत द्वारा कश्मीरियों के दमन पर रोक लगाई जाए. कश्मीरियों के मानवाधिकारों का आदर किया जाना चाहिए और उनकी आवाज़ सुनी जानी चाहिए.

हालांकि पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने यह भी दुहराया कि पाकिस्तान अपने पड़ोसी देश भारत के साथ समग्र वार्ता करना चाहता है, जिसमें कश्मीर समेत सभी द्विपक्षीय मुद्दे शामिल हों.

ज्ञात रहे कि इससे पहले मुख्य विपक्षी पार्टी पीएमएल-एन के प्रमुख और पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने भी सप्ताह भर पहले ऐसी ही मांग की थी. उन्होंने कहा था कि कश्मीर की जनता भारत से आजादी चाहती है. वे लोग जनमत संग्रह के जरिए एक फैसला करना चाहते हैं. भारत को यह मौका देना चाहिए और एक जनमत संग्रह कराना चाहिए, क्योंकि इस समस्या का यही एकमात्र हल है.


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