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नक्सलियों ने पुलिस के 4 जवानों को छोड़ा

नक्सलियों ने पुलिस के 4 जवानों को छोड़ा

दंतेवाड़ा. 1 अक्टूबर 2010


नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले से अपहृत चार पुलिसकर्मियों रिहा कर दिया है. सूत्रों के अनुसार सभी रिहा पुलिसकर्मी शुक्रवार की सुबह दंतेवाड़ा पहुंच गये. इस रिहाई में बस्तर के सहारा समय के संवाददाताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में इस महीने की 19 तारीख को नक्सलियों ने सात पुलिस कर्मी सहायक पुलिस उपनिरीक्षक सुखरू राम भगत,आरक्षक नरेंद्र भोंसले, आरक्षक सुभाष पात्रे, आरक्षक बी टोप्पो, आरक्षक नंदलाल कोसले, छत्तीसगढ़ सशस्त्र पुलिस बल के हवलदार आबेदेम तिर्की और विशेष पुलिस अधिकारी तिरपा कृष्णा का अपहरण कर लिया था. अगले दिन बीजापुर की पुलिस ने नंदलाल कोसले, आबेदेम तिर्की और एसपीओ तिरपा कृष्णा के शव को बरामद कर लिया था.

बाद में राज्य के मुख्यमंत्री रमन सिंह द्वारा अपील करने के बाद बीजापुर जिले के भोपालपटनम क्षेत्र में रविवार रात नक्सलियों के पर्चे मिलने की जानकारी मिली थी, जिसमें नक्सलियों ने अपनी मांगे मानने के लिए 48 घंटे का समय दिया था.

राज्य के पुलिस महानिदेशक विश्वरंजन के अनुसार बीजापुर जिले के भोपालपटनम इलाके में रविवार को हस्तलिखित कुछ पर्चियां मिलीं थीं, जिसमें नक्सलियों ने मांग की थी कि उनके खिलाफ चलाया जा रहा अभियान बंद कर दिया जाए, वरना 48 घंटे के भीतर वे अगवा पुलिसकर्मियों को मार देंगे. नक्सलियों ने सरकार से आपरेशन ग्रीन हंट बंद करने, जेलों में बंद नक्सलियों को छोड़ने, पुलिस अत्याचार रोकने और शांतिवार्ता शुरू करने समेत कई मांग की थी.

पुलिस वालों के परिजनों द्वारा नक्सली समर्थक कवि वरवर राव से मुलाकात के बाद वरवर राव ने भी नक्सलियों से अपह्रत पुलिसकर्मियों को सकुशल रिहा करने की अपील की थी.


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