पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

भीड़ के ढांचे का सच खुल चुका

रिकॉर्ड फसल लेकिन किसान बेहाल

मधुमेह की महामारी कीटनाशक के कारण?

अंतिम सांसे लेता वामपंथ

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

भीड़ के ढांचे का सच खुल चुका

रिकॉर्ड फसल लेकिन किसान बेहाल

अंतिम सांसे लेता वामपंथ

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
 पहला पन्ना > अंतरराष्ट्रीय > पाकिस्तान Print | Send to Friend | Share This 

हमने चरमपंथियों को प्रशिक्षण दिया: मुशर्रफ

हमने चरमपंथियों को प्रशिक्षण दिया: मुशर्रफ

लंदन. 5 अक्टूबर 2010


पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ ने माना है कि पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ चरमपंथियों को प्रशीक्षित किया. जर्मन पत्रिका ‘डेर स्पीगल’ में छपे साक्षात्कार में मुशर्रफ़ ने कहा, ''हां ये सच है कि भारत प्रशासित कश्मीर के ज़रिए भारत के ख़िलाफ युद्ध छेड़ने के लिए चरमपंथियों को प्रशिक्षित किया गया.'' मुशर्रफ का बयान उनके सक्रीय राजनीति में वापस आने के कुछ ही दिनों के अंदर आया है. यह पहली बार है जब पाकिस्तान के किसी शीर्ष नेता ने स्वीकार किया है कि भारत में आतंकवाद फैलाने के पीछे पाकिस्तान का हाथ है.

पत्रिका की ओर से जब मुशर्रफ से प्रशिक्षण कैंपों से संबंधित सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि पाक के पूर्व राष्ट्रपति नवाज़ शरीफ के कश्मीर मसले को लेकर रवैये के चलते दुनिया ने इस समस्या को अनदेखा कर दिया था, ऐसे में इसे अंतर्राष्ट्रीय पटल पर गर्माना जरूरी था. उन्होंने यह भी कहा कि “हर देश को ये अधिकार है कि वो अपने हितों का ध्यान रखे. कश्मीर के मुद्दे पर भारत संयुक्त राष्ट्र में बातचीत नहीं चाहता, ना ही वो शांत तरीके से इस मसले का हल निकालने के लिए के लिए तैयार है.''

इस साक्षात्कार में मुशर्रफ ने बार-बार यह कहा कि उन्हें कारगिल में 1999 में पाकिस्तान द्वारा भारत की सीमा में हुई घुसपैठ को लेकर कोई पछतावा नहीं है. इसके पीछे उन्होंने तर्क दिया कि हर देश को अपने हितों के लिए लड़ाई लड़ने का हक है. इसके साथ ही उन्होंने पश्चिमी देशों पर पाकिस्तान के हितों की तरफ हमेशा उदासीन रहने और कश्मीर मामले में निष्पक्षता ना रखने के आरोप लगाए.
 

इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   

 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in