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भारत लैंगिक समानता में 112वें स्थान पर

नई दिल्ली. 13 अक्टूबर 2010

 
वर्ल्ड इकानॉमिक फोरम की सालाना रिपोर्ट के अनुसार भारत लैंगिक समानता के मामले में 112वें स्थान पर है. पिछले साल की ही तरह इस सूची में नॉर्डिक देश शीर्ष में रहे हैं जबकि पाकिस्तान, चाड और यमन इसमें सबसे नीचे बने हुए हैं. भारत ने पिछले साल की अपनी रैंकिंग 114 में दो अंक का सुधार करते हुए 112वां स्थान पाया है. वर्ल्ड़ इकानॉमिक फोरम यह सूची हर साल जारी करता है और इस वर्ष दुनिया के 134 देशों को इस सूची में शामिल किया गया है.

इस सर्वेक्षण में इस बात को परखा जाता है कि इन देशों में मुख्यतः राजनीति, शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य आदि क्षेत्रों में महिलाओं और पुरुषों को मिलते अवसरों में कितनी समानता है. हालाँकि देशों की रैंकिंग तय करने में 10 अन्य मानकों पर भी विचार किया जाता है.

इस वर्ष की सूची में भी पिछले साल की तरह आइसलैंड पहले नंबर पर है, जबकि नॉर्वे और फ़िनलैंड ने क्रमश: दूसरा और तीसरा स्थान पाया है. उल्लेखनीय है कि भारत पाँच वर्ष पहले इस सूची में 98वें स्थान पर था यानी कि एक ओर देश आर्थिक तरक्की कर रहा है वहीं लैंगिक समानता के मामले में लगातार पिछड़ता जा रहा है.

विश्व आर्थिक मंच के कार्यकारी प्रमुख क्लाउस श्वाब ने रिपोर्ट जारी किए जाने के मौक़े पर कहा है कि स्त्री-पुरुष समानता किसी भी देश की संपन्नता का आधार है. रिपोर्ट के अनुसार स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में जहाँ महिलाओं और पुरुषों के बीच अंतर घटा है, वहीं आर्थिक भागीदारी के मामले में अधिकतर देशों में महिलाएँ अभी पुरुषों से कोसों पीछे हैं.
 

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