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मछली पालन और बूचड़खाने बंद हों- जूदेव

मछली पालन और बूचड़खाने बंद हों- जूदेव

रायपुर. 14 अक्टूबर 2010


छत्तीसगढ़ के चंद्रहासिनी देवी मंदिर में अपने ही विभाग के आदेश के खिलाफ नियम तोड़ कर पशु बलि देने के मामले में विवादों में आये भाजपा विधायक और संसदीय सचिव युद्धवीर सिंह के समर्थन में उनके पिता दिलीप सिंह जूदेव आगे आ गए हैं. उन्होंने पशु बलि के सवालों पर अपनी ही सरकार से सवाल किया है कि अगर पशु बलि गलत है तो सरकार को बकरी पालन, मछली और मुर्गा पालन केन्द्रों को बंद कर देना चाहिए. साथ ही सरकार को सारे बूचड़खाने बंद कर देना चाहिये.

ज्ञात रहे कि छत्तीसगढ़ के भाजपा विधायक और धर्मस्व विभाग से संबद्ध राज्य के संसदीय सचिव युद्धवीर सिंह जूदेव राज्य के सुप्रसिद्ध चंद्रहासिनी देवी मंदिर में बकरे की बलि देकर विवादों के घेरे में आ गये हैं. छत्तीसगढ़ में पशुबलि प्रतिषेध अधिनियम 1989 के तहत पशु बलि प्रतिबंधित है और इसके उल्लंघन पर तीन महीने की जेल या जुर्माने का प्रावधान है.

विपक्ष की ओर से उठे विरोध के स्वर को लेकर दिलीप सिंह जूदेव ने कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों में बाहर से आए खिलाडिय़ों को गौमांस परोसा जा रहा है. उन्होंने कहा कि क्या पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और कांग्रेस अŠध्यक्ष सोनिया गांधी के सामने इसका विरोध करेंगे. क्या वे बकरीद को लेकर आंदोलन कर सकते हैं.

जूदेव ने कहा है कि सारे नियम कानून केवल हिंदुओं के लिये क्यों हैं ? उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के कुछ मंदिरों में पशु बलि देने की परंपरा है. परंपरायें मुश्किल से बनती हैं और उन्हें निभाना मुश्किल है. सरकार को अगर पशु बलि पर रोक लगानी है तो पहले वह बूचड़खाने बंद करे. साथ ही बकरी पालन, मछली और मुर्गा पालन केन्द्रों को बंद करना चाहिये.