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सोनिया गांधी ने बोला नीतीश सरकार पर हमला

सोनिया गांधी ने बोला नीतीश सरकार पर हमला

नई दिल्ली. 18 अक्टूबर 2010


प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी के बयानों के बाद उठा विवाद अभी थमा भी नहीं है कि केन्द्र में सत्तारूढ़ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुये पूछा कि केन्द्र की ओर से राज्य के विकास के लिए जो अरबों रूपए दिए गए उनका इस्तेमाल कहां हुआ.

बिहार के किशनगंज में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए सोनिया ने जनता से सीधे सवाल-जवाब किए और सत्तारुढ़ गठबंधन को लगातार कटघरे में खड़ा रखा. उन्होंने अपने भाषण में जदयू-भाजपा गठबंधन को अवसरवादी करार देते हुए कहा कि प्रदेश की जनता के हितों को ताक पर रखते हुए जदयू ने उससे हाथ मिलाया, जो धर्मनिरपेक्षता के कट्टर विरोधी हैं. उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के साथ हाथ मिलाने वाले धर्मनिरपेक्ष कैसे हो सकते हैं.

उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार के पास न तो विकास की सोच है, न दृष्टि और न ही विकास की इच्छाशक्ति ही है. यही कारण है कि बिहार की हालत दयनीय होती जा रही है. सोनिया गांधी ने लालू-राबड़ी सरकार को भी इसके लिये जिम्मेवार ठहराया.

सोनिया ने कांग्रेस की ओर से चुनाव का बिगुल फूंकते हुए पूछा कि नीतीश सरकार ने रोजगार की दिशा में क्या कदम उठाए हैं? केन्द्र सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में लागू योजनाओं पर खर्च करने के लिए राज्य को करोड़ों रूपए दिए, लेकिन उन रूपयों को खर्च नहीं किया गया. आखिर वो रूपए कहां गए? सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में क्या कदम उठाए हैं. बिहार के बच्चों को पढ़ाई के लिए बाहर जाना पड़ता है. लोगों को रोटी कमाने के लिए दूसरे प्रदेशों का रूख करना पड़ता है. आखिर बिहार की ऎसी स्थिति क्यों है?


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