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अजमेर ब्लास्ट में आरएसएस का नाम, संघ का इंकार

अजमेर ब्लास्ट में आरएसएस का नाम, संघ का इंकार

नई दिल्ली. 24 अक्टूबर 2010

 

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने उन समाचारों का खंडन किया है, जिसमें अजमेर बम ब्लास्ट में संघ के प्रचारक इन्द्रेश कुमार को एक अभियुक्त बनाया गया है. संघ प्रवक्ता राममाधव के अनुसार अदालत में दाखिल आरोपपत्र में इन्द्रेश को अभियुक्त नहीं बनाया गया है, केवल एक बैठक में उनके भाग लेने का उल्लेख किया गया है.

ज्ञात रहे कि अजमेर में सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह में 11 अक्टूबर 2007 को बम धमाका किया गया था, इसके अलावा मक्का मस्जिद में 18 मई 2007 को बम ब्लास्ट हुआ था. दोनों ही मामलों में कुछ हिंदुवादी संगठनों से जुड़े लोगों के नाम आये थे.

ताजा घटनाक्रम में पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की है. जिसमें अजमेर के देवेंद्र गुप्ता (36) उर्फ बॉबी उर्फ रमेश को एटीएस ने आरएसएस का विभाग प्रचारक बताया है. एक अन्य अभियुक्त शाजापुर के चंद्रशेखर लेवे (37) को आरएसएस का जिला संपर्क प्रमुख बताया गया है. इसके अलावा तीसरे अभियुक्त महू के लोकेश शर्मा (32) उर्फ कालू उर्फ अजय उर्फ अभय को प्रापर्टी डीलर के साथ-साथ संघ का कार्यकर्ता बताया गया है. चार्जशीट पेश होने के साथ ही यह खबर फैली कि आरोपपत्र में संघ के प्रचारक इन्द्रेश को भी अभियुक्त बनाया गया है.

आरोपपत्र में यह साफ कहा गया है कि 31 अक्टूबर, 2005 को जयपुर में एक गोपनीय मीटिंग हुई थी. इसमें इंद्रेश कुमार सहित सात लोग शामिल थे. बैठक में अजमेर दरगाह, हैदराबाद की मक्का मस्जिद और मालेगांव सहित देश के विभिन्न शहरों में ब्लास्ट करने को लेकर जिम्मेदारी तय की गई थी. गुजराती समाज के अतिथि गृह के कमरा नंबर 26 मनोज सिंह के नाम से बुक था. बैठक में इंद्रेशजी ने अन्य धार्मिक संगठनों के साथ जुड़कर काम करने को कहा था, जिससे मिशन सफलतापूर्वक पूरा हो सके.

आरोपपत्र में अपने प्रचारक का नाम जोड़े जाने से नाराज संघ प्रवक्ता ने कहा कि इस मामले से संघ प्रचारक को जोडे जाने का अदालत में कड़ा विरोध किया जाएगा. उन्होंने दावा किया कि संघ हर तरह की हिंसा के खिलाफ है और इस तरह से संघ का नाम हिंसक कार्रवाइयों में जोड़ना राजनीतिक विद्वेष का परिणाम है.


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