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आतंकवाद के खिलाफ हम भारत के साथ-ओबामा

आतंकवाद के खिलाफ हम भारत के साथ-ओबामा

मुंबई. 7 नवंबर 2010


अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि आतंकवाद के ख़िलाफ़ अमरीका और भारत एक जुट हैं. हम आंतकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ हैं.

भारत की यात्रा पर पहुंचे अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने मुंबई के ताज होटल में पहुंचकर उन लोगों के परिजनों से मुलाकात की, जो 26 नवंबर को इसी होटल पर हुये हमले में मारे गये थे या घायल हुये थे. यहां एक भाषण में उन्होंने कहा कि हम कभी भी 26/11 के हमलों की तस्वीरें नहीं भूल सकते. नवंबर 2008 में ताज से निकलते हुए शोले आसमान को चार दिनों तक रौशन करते रहे.

उन्होंने कहा कि जिन्होंने मुंबई पर हमला किया वो इस शहर और भारत का मनोबल तोड़ना चाहते थे, लेकिन वे विफल रहे क्योंकि दूसरे ही दिन मुंबई के लोग अपने अपने काम पर वापस आए. हम आतंकवाद को जड़ से ख़त्म करने के लिए भारत के साथ हैं. हम लोगों ने और सारी दुनिया ने इन हमलों को देखा और सभी को इस पर दुख हुआ.

बराक ओबामा ने कहा कि 26/11 के हमलावर हमारे बीच दरार पैदा करना चाहते थे......26/11 के हमलावरों को सज़ा मिलनी ही चाहिए. जैसा 26/11 को भारत में हुआ वैसा ही 9/11 को अमरीका में हुआ था. अमरीका और भारत एक दूसरे से और अधिक सहयोग करेंगे और मैं भारतीय प्रधानमंत्री से मुलाक़ात के दौरान इस दिशा में बढ़ने का प्रयास करुँगा.

ओबामा ने कहा कि इतिहास हमारे साथ है और हमने ऐसी घटनाएं देखी हैं. बेगुनाहों को निशाना बनाने वाले हत्यारे और बर्बादी के लिए ज़िम्मेदार लोगों को बख़्शा नहीं जाएगा.

ओबामा ने गांधी की हत्या को याद करते हुये कहा कि इस देश के राष्ट्रपिता की हत्या के मौक़े पर नेहरू ने कहा था - चाहे हवाएं कितनी ही तेज़ क्यों न हों आंधियां ही क्यों न चल रही हों हम कभी भी आज़ादी की मशाल को बुझने नहीं देंगे. आप भारत में इस पर विश्वास करते हैं और हम अमरीका में इस पर विश्वास करते हैं.

अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा कि आतंकवाद के ख़िलाफ़ हम भारत के साथ अपने सहयोग को और आगे ले जाना चाहते हैं.


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